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एलन मस्क का जीवन: दिनचर्या, सोने के तरीके और भारतीय खाने की पसंद.
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दुनिया में जिन लोगों में लोग सबसे ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं. जानना चाहते हैं. उसमें एलन मस्क शामिल हैं. आजकल तो ट्रंप का दाहिना हाथ बनकर वो यूं भी खासी चर्चाओं में भी हैं और विवादों में भी.

हाइलाइट्स
- एलन मस्क ने जमीन पर सोने की बात कई बार खुद ही कही है
- मस्क का दिन का रुटीन व्यस्त और अनुशासित होता है.
- मस्क को भारतीय खाना, विशेष रूप से बटर चिकन पसंद है.
एलन मस्क दुनिया के सबसे धनी इंसान ही नहीं हैं बल्कि ऐसी शख्सियत भी जो हमेशा अपनी बातों से चर्चा में भी रहते हैं और विवादों में भी. आजकल अमेरिका में वह प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दाएं हाथ माने जा रहे हैं और जो कुछ कर रहे हैं. उसके चलते उनकी जबरदस्त आलोचना भी हो रही है. मस्क कई बार कह चुके हैं वह जमीन पर या अपने आफिस में ही सो जाते हैं.
उन्होंने खासतौर पर टेस्ला और स्पेसX में काम करते समय अपने अजीब सोने के तरीकों के बारे में बताया. 2018 में, टेस्ला की प्रोडक्शन समस्याओं के दौरान उन्होंने कहा कि वे अपनी कार में नहीं बल्कि फैक्ट्री के फ्लोर (ज़मीन) पर सोते थे ताकि काम की निगरानी कर सकें. उनका कहना था, अगर कुछ खराब हो तो वो सबसे ज्यादा मेरे लिए हो, अगर कभी वो कोई दर्द महसूस करें तो मुझे उससे ज्यादा मुझे महसूस हो.
तब उन्होंने कहा था कि उनके पास कोई स्थायी घर नहीं है. अक्सर दोस्तों के घर या ऑफिस में सो जाते हैं. 2022 में उन्होंने कहा कि वे ज़्यादातर समय स्पेसX के मुख्यालय के पास एक छोटे से 50,000 डॉलर के घर में रहते हैं. कई बार वे टेस्ला या स्पेसX ऑफिस में ही सो जाते हैं.
एलन मस्क आमतौर पर छह घंटे की नींद लेते हैं. रात एक बजे तक सोते हैं.
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे रात में सिर्फ 6 घंटे सोते हैं. पहले वे 4 घंटे ही सोते थे, लेकिन यह उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं था, इसलिए उन्होंने 6 घंटे करना शुरू किया. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे और कम सोएंगे, तो उनका दिमाग ठीक से काम नहीं करेगा.
क्या रहता है दिन का रुटीन
एलन मस्क का दिन का रुटीन काफी व्यस्त और अनुशासित होता है.
सुबह की शुरुआत
– एलन मस्क सुबह 7 बजे उठते हैं. करीब 6 से 6.5 घंटे की नींद लेते हैं. वे मानते हैं कि पर्याप्त नींद उनके मानसिक प्रदर्शन के लिए जरूरी है.
-: उठने के बाद उनका पहला काम शॉवर लेना होता है, जो उन्हें तरोताजा करता है और दिन के लिए तैयार करता है.
– वह अक्सर नाश्ता छोड़ देते हैं, लेकिन जब करते हैं, तो आमतौर पर उच्च प्रोटीन वाला भोजन जैसे ऑमलेट लेते हैं, साथ में कॉफी पीते हैं.
एलन मस्क जमकर काम तो करते हैं लेकिन आमतौर पर उनका रवैये की आलोचना होती है.
काम का समय
– नाश्ते के बाद, वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं. फिर काम पर निकल जाते हैं. वह दावा करते हैं कि सप्ताह में 80 से 120 घंटे काम करते हैं, जिसमें अधिकांश समय डिजाइन और इंजीनियरिंग पर केंद्रित होता है.
– एलन गैर-जरूरी मीटिंग्स में भाग नहीं लेते और अपने समय को बहुत महत्व देते हैं.
दोपहर और शाम
– वे आमतौर पर दिनभर में कैलोरी का सेवन कम करते हैं. रात में अधिक खाते हैं. उनका पसंदीदा पेय डाइट कोक है.
– वह रात में करीब 10 बजे घर लौटते हैं, जहाँ वे कुछ देर पढ़ाई करते हैं या एनिमेटेड मूवी देखते हैं.
सोने का समय
– एलन मस्क आमतौर पर रात 1 बजे सोते हैं, जिससे उन्हें अगले दिन के लिए ऊर्जा मिलती है.
डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में एलन मस्क खास भूमिका निभाने जा रहे हैं. (एपी)
खाना कैसा
एलन मस्क की डाइट में मुख्य रूप से सिंपल और घर का बना खाना शामिल होता है. उनकी पसंदीदा चीजों में फल, सब्जियां, और ड्राई फ्रूट्स हैं. वह इंटरमिटेंट फास्टिंग का पालन करते हैं, जिससे उन्होंने लगभग 9 किलो वजन कम किया. एलन मस्क को डोनट्स, शुशी भी पसंद है.
एलन मस्क को भारतीय खाना बहुत पसंद है, विशेष रूप से बटर चिकन और नान. उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट में इसकी पुष्टि की. मस्क को भारतीय खाने की विविधता और स्वाद पसंद आता है, जो अक्सर उनके ट्विटर पोस्ट में दिखाई देता है.
भारतीय खाने की पसंद के पीछे का कारण यह हो सकता है कि मस्क को विभिन्न फ्लेवर्स और मसालों का मिश्रण पसंद है, जो भारतीय व्यंजनों में प्रचुर मात्रा में होता है.
कौन से काम पसंद
इंजीनियरिंग और डिजाइन – एलन मस्क को इंजीनियरिंग और डिजाइन में बहुत रुचि है. वह टेस्ला और स्पेसएक्स में नए उत्पादों की डिजाइनिंग और विकास में एक्विट रहते हैं.
पढ़ाई और शोध – मस्क को किताबें पढ़ना बहुत पसंद है. वे अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा पढ़ाई में बिताते हैं. नई तकनीकों के बारे में जानने का आनंद लेते हैं.
उद्यमिता और नवाचार – एलन मस्क को नए व्यवसाय शुरू करना और नवाचार करना बहुत पसंद है.
फिटनेस और व्यायाम – मस्क को ट्रेडमिल पर दौड़ना और ताइक्वांडो जैसे मार्शल आर्ट पसंद हैं. वह शारीरिक फिटनेस को महत्व देते हैं.
लोग मस्क के बारे में क्या सोचते हैं
उनके साथ काम कर चुके लोग उनकी तारीफ करते हैं तो कुछ उन्हें सनकी और अजीबोगरीब बताते हैं.
करिश्माई नेतृत्व – एलन मस्क को एक करिश्माई नेता के रूप में देखा जाता है, जो अपनी कंपनियों को नए और अनोखे दिशा में ले जाने की क्षमता रखते हैं.
इनोवेशन और उद्यमिता – इनोवेशन में उन्हें खास व्यक्ति माना जाता है. उन्होंने स्पेसएक्स, टेस्ला, और न्यूरालिंक जैसी सफल कंपनियों की स्थापना की. उन्हें एक दूरदर्शी व्यक्ति के रूप में देखा जाता है.
विवादास्पद व्यक्तित्व – मस्क को उनके ट्विटर पोस्ट और सार्वजनिक बयानों के कारण विवादास्पद भी माना जाता है. उनकी टिप्पणियां अक्सर चर्चा में रहती हैं. उन्हें कभी-कभी आलोचना का सामना करना पड़ता है.
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
February 27, 2025, 20:15 IST
क्यों जमीन पर ही अक्सर सो जाते हैं एलन मस्क, क्या रहता है रुटीन और खाना-पीना
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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत
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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक
हाइलाइट्स
- पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
- मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
- दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.
दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.
समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.
हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.
मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.
मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.
Delhi,Delhi,Delhi
February 12, 2025, 15:17 IST
मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए
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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।
अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।
तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…
अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…
भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।
भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।
तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा
भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।
तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’
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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks
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Australia News: ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्या करने का दावा कर रही है.
ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)
हाइलाइट्स
- ऑस्ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा किया है
- नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
- इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार
मेलबर्न (ऑस्ट्रलिया). ऑस्ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्यू साउथ वेल्स स्टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्यू साउथ वेल्स के हेल्थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.
ऑस्ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्यादा समय से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.
आरोपी नर्स सस्पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया. हेल्थ मिनिस्टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्पणी करते हुए उन्हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.
पुलिस स्ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्पीच कानून का उल्लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.
New Delhi,Delhi
February 13, 2025, 16:03 IST
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