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यूक्रेन बोला- सीजफायर न करने पर रूस पर कार्रवाई हो: पुतिन का संदेश

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कीव2 दिन पहले

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रूसी राष्ट्रपति ऑफिस ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि युद्धविराम हमारी शर्तों पर ही लागू होगा।

रूस ने अमेरिका के प्रस्तावित 30 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) पर कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को रूस के राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि जब तक अमेरिका सीधे रूस से बात नहीं करेगा, तब तक कोई फैसला नहीं होगा।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, हम यूक्रेन युद्ध पर सऊदी अरब में हुई बैठक का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं। रूस तभी किसी डील पर सहमत होगा, जब अमेरिका हमसे सीधे संपर्क करेगा।

इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अगर रूस युद्धविराम नहीं करता तो उम्मीद है कि अमेरिका रूस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

जेलेंस्की बोले- यूक्रेन 30 दिन के युद्धविराम के लिए तैयार अमेरिका और यूक्रेन के बीच मंगलवार (11 मार्च) को सऊदी अरब में बैठक हुई थी। इसमें 30 दिन के सीजफायर पर सहमति बनी थी। इसकी पुष्टि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने करते हुए कहा…

यह प्रस्ताव एक सकारात्मक कदम है। इसे स्वीकार करने के लिए यूक्रेन पूरी तरह तैयार है। अब अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वह रूस को इसके लिए राजी करे। जैसे ही मॉस्को सहमति देगा, युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। -वोलोदिमिर जेलेंस्की, यूक्रेनी राष्ट्रपति

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अब गेंद रूस के पाले में है। हम जल्द पुतिन से बात करेंगे।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन का अस्थाई युद्धविराम पर सख्त रवैया, 5 वजहें

  1. एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, रूस अभी मजबूत है और उसे लगता है कि अगर युद्धविराम हुआ तो यूक्रेन दोबारा संगठित हो जाएगा।
  2. पुतिन की रणनीति है कि युद्धविराम रूस की शर्तों पर होगा।
  3. सीजफायर से पहले रूस अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों में ढिलाई चाहता है। इनमें तेल और गैस प्रतिबंध शामिल है।
  4. रूस क्रीमिया के मसले को हमेशा के लिए खत्म करना चाहता है। उसकी मांग है कि सीजफायर से पहले दुनिया क्रीमिया को रूस का हिस्सा माने।
  5. रूस चाहता है कि यूक्रेन के 20% एरिया ( डोनेस्क-लुहान्स्क) हमेशा के लिए उसके नियंत्रण में रहे।

अमेरिका-यूक्रेन वार्ता में अहम फैसले

  • युद्धविराम हवा और समुद्री क्षेत्र को छोड़कर पूरे युद्धक्षेत्र पर लागू होगा।
  • वादे के अनुसार अमेरिका रूस को युद्धविराम के लिए मनाने का प्रयास करेगा।
  • यूक्रेन को अमेरिका से सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करने की सुविधा मिलेगी।
  • अमेरिका और यूक्रेन के बीच रेयर मिनरल्स डील को जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति बनी।

जेलेंस्की ने ट्रम्प से बहस पर अफसोस जताया था

4 मार्च को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि ट्रम्प के साथ पिछले हफ्ते उनकी बैठक उस तरह नहीं हुई जैसी होनी चाहिए थी। जेलेंस्की ने इसे अफसोसजनक बताया और कहा कि यूक्रेन खनिज समझौते के लिए तैयार है।

जेलेंस्की का बयान ऐसे वक्त आया था, जब ट्रम्प ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद रोकने का ऐलान किया। इसमें ऐसी मदद जो अमेरिका से अभी तक यूक्रेन नहीं पहुंची थी, उसे भी रोक दिया गया था।

जेलेंस्की 28 फरवरी को ट्रम्प से मिलने व्हाइट हाउस पहुंचे थे।

​​​​​ट्रम्प ने जेलेंस्की को लेकर नाराजगी जताई थी

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार रोकी गई मदद को तब तक बहाल नहीं किया जाएगा, जब तक राष्ट्रपति ट्रम्प को यह यकीन नहीं हो जाता कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वास्तव में शांति चाहते हैं।

यूक्रेन की सैन्य मदद रोकने से कुछ घंटे पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था…

जेलेंस्की नहीं चाहते कि जब तक उन्हें अमेरिका का समर्थन हासिल है, तब तक शांति हो। यह जेलेंस्की की तरफ से दिया गया सबसे खराब बयान है। अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

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