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SpaceX मून मिशन: एलन मस्क की कंपनी का तीसरा सफल मून लैंडिंग मिशन.
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Space X Moon Mission: एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने तीसरे मून लैंडिंग मिशन IM-2 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ का पता लगाने के लिए NASA के पेलोड ले जा रहा है.

एलन मस्क की कंपनी ने मून मिशन की शुरुआत की. (News18)
हाइलाइट्स
- स्पेसएक्स ने तीसरा मून मिशन IM-2 लॉन्च किया.
- मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ का पता लगाएगा.
- NASA के पेलोड के साथ फाल्कन 9 रॉकेट का उपयोग.
Space X Moon Mission: एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने बुधवार को अपने तीसरे मून लैंडिंग मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. खासबात यह है कि यह मिशन अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA के पेलोड को भी अपने साथ लेकर जा रहा है, जिसका मकसद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के जमाव का पता लगाना है. भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO करीब डेढ़ साल पहले ही अगस्त 2023 में अपने मून मिशन चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुकी है. भारत का मिशन भी चांद्र के दक्षिण ध्रुव पर खोजबीन करना था. अब नासा भी स्पेस एक्स की मदद से इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.
स्पेस एक्स का मिशन फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से एथेना लैंडर को ले जा रहा है. यह एक रीयूजेबल रॉकेट है. IM-2 के रूप में जाना जाने वाला यह मिशन इंट्यूटिव मशीन्स की लीडरशिप में है, जो पिछले साल के IM-1 मिशन के बाद चांद पर टचडाउन का अपना दूसरा प्रयास कर रहा है. IM-2 लैंडर वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट्स का एक पूरा समूह अपने साथ ले जा रहा है. इसमें चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास बर्फ के जमाव का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किए गए NASA के पेलोड भी शामिल हैं. अपने पिछले प्रयास के दौरान स्पेस एक्स का मिशन चांद पर उतरा जरूर लेकिन वहां पहुंचते ही पलट गया था.
अब कंपनी का लक्ष्य इस बार अधिक स्थिर और सटीक टचडाउन करने का है. अगर एलन मस्क की कंपनी का मून मिशन IM-2 सफल होता है तो यह स्पेस के क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका को और मजबूत करेगा. साथ ही यह NASA के आर्टेमिस कार्यक्रम का समर्थन भी करेगा, जिसके तहत वो चांद पर इनसान को भेजकर वापस भी ला सकेगा.
हादसे का शिकार हुआ था पहला मिशन
पिछले साल एलन मस्क की स्पेस एक्स ने 50 से अधिक सालों में चंद्रमा पर उतरने वाली पहली अमेरिकी कंपनी बनकर इतिहास रच दिया था. हालांकि सेंसर में फॉल्ट के कारण IM-1 का लैंडर चांद की सतह पर बहुत तेज़ी से हुआ था. नीचे उतरने के दौरान उसका एक पैर टूट गया था और वह एक तरफ झुक गया था. अब दावा किया जा रहा है कि इंट्यूटिव मशीन ने दर्जनों सुधार के बाद मिशन को फिर से चांद पर भेजा है. अब स्पेस एक्स के मून मिशन की कोशिश चांद पर सीधा लैंडिंग की है.
February 27, 2025, 07:30 IST
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