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Narendra Modi Donald Trump Friendship; US India Howdy Modi | Lex Fridman Podcast | PM मोदी बोले- ट्रम्प ने मेरे लिए प्रोटोकॉल तोड़े: उनके लिए अमेरिका तो मेरे लिए इंडिया फर्स्ट, हम दोनों के बीच अटूट भरोसा
नई दिल्ली7 मिनट पहले
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पीएम मोदी ने इंटरव्यू में कहा कि ट्रम्प के पास हिम्मत है और वो अपने फैसले खुद लेते हैं। तस्वीर- लेक्स फ्रिडमैन यूट्यूब चैनल।
प्रधानमंत्री मोदी का रविवार को अमेरिकन यूट्यूबर लेक्स फ्रिडमैन के साथ 3 घंटे का पॉड कास्ट रिलीज हुआ। इस पॉड कास्ट में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ अपना व्यक्तिगत अनुभव बताया। इसके साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन वॉर और पाकिस्तान समेत कई मुद्दों पर बात की।
पीएम मोदी से पूछा गया आपने हाल ही में अमेरिका का दौरा किया और ट्रम्प के साथ अपनी दोस्ती को एक बार फिर मजबूत किया। एक दोस्त और एक नेता को तौर पर आपको डोनाल्ड ट्रम्प की क्या बात अच्छी लगती है?
पीएम मोदी ने कहा-
ट्रम्प और मेरे बीच विश्वास का अटूट रिश्ता है। हम आमने सामने भले ही न मिलें पर हमारा डायरेक्ट और इनडायरेक्ट कनेक्शन होता रहता है।
पीएम मोदी ने लगभग 3 घंटे के इंटरव्यू में अमेरिका, पाकिस्तान, चीन और रूस-यूक्रेन समेत हर मुद्दे पर बात की।
ट्रम्प के पास हिम्मत है, वो अपने फैसले खुद लेते हैं पीएम मोदी ने इंटरव्यू में 2019 के हाउडी मोदी इवेंट का जिक्र करते हुए ट्रम्प के साथ उनके रिश्तों के बारे में बताया। मोदी ने कहा- ह्यूस्टन में एक प्रोग्राम था हाउडी मोदी। मैं और ट्रम्प दोनों वहां थे। भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में वहां पर मौजूद थे।
मैं भाषण दे रहा था और ट्रम्प नीचे बैठकर हमें सुन रहे थे। यह उनका बड़प्पन है। अमेरिका का राष्ट्रपति स्टेडियम में भीड़ के बीच नीचे बैठकर सुन रहा है।
मैं भाषण देकर नीचे गया तो ट्रम्प ने कहा कि क्यों न हम दोनों एकसाथ इस स्टेडियम का एक चक्कर लगाएं। अमेरिका में ये बात असंभव सी है कि राष्ट्रपति हजारों की भीड़ में चले। लेकिन ट्रम्प बिना एक पल भी इंतजार किए मेरे साथ चल पड़े। मुझे उस पल ने छू लिया। इस समझ आ गया कि ट्रम्प के पास हिम्मत है और वो अपने फैसले खुद लेते हैं।
दूसरी बात ये कि ट्रम्प को मोदी पर भरोसा है। यह आपसी विश्वास का भाव था, यह बता रहा था कि हम दोनों के बीच मजबूत संबंध है। उस दिन मुझे यह दिखाई दिया। उस दिन मैंने राष्ट्रपति ट्रम्प का जो रूप देखा वह शानदार था।
2019 में आयोजिक हाउडी मोदी कार्यक्रम में करीब 80 हजार लोग शामिल हुए थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के हाथ पकड़कर जनता का संबोधन किया था।
मेरे लिए इंडिया फर्स्ट, ट्रम्प के लिए अमेरिका फर्स्ट पीएम मोदी ने इलेक्शन कैंपेन के दौरान ट्रम्प पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन पर गोली चली तो मुझे वही ट्रम्प नजर आए। हिम्मत वाले ट्रम्प जो उस दिन मेरा हाथ पकड़कर स्टेडियम में चले धे। गोली लगने के बाद भी अमेरिका के लिए जीना, उनकी जिंदगी अमेरिका के लिए है, उनका दृढ़ निश्चय है कि अमेरिका फर्स्ट।
मेरे लिए भी देश पहले है, इंडिया फर्स्ट है। इसलिए हम दोनों की जोड़ी जम जाती है। हम इतनी अच्छी तरह से घुलमिल जाते हैं। यही वो चीजें है जो मुझे अपील करती है।
पिछले साल इलेक्शन कैंपेन के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प पर फायरिंग हुई थी। गोली उनके दाएं कान पर लगी थी। इसके बाद ट्रम्प ने मुट्ठी भींचकर हवा में लहराई थी।
ट्रम्प ने मेरे लिए प्रोटोकॉल की सभी दीवारें तोड़ दी दुनियाभर में राजनेताओं के बारे में इतना कुछ छपता है। हर आदमी एक-दूसरे को मीडिया के जरिए आंकता है। ज्यादातर लोग एकदूसरे से मिलकर एक दूसरे को नहीं जान पाते और न ही पहचान पाते हैं। दरअसल आपसी तनाव का कारण भी यही है कि जब तीसरा पक्ष दखलंदाजी करता है।
जब मैं पहली बार व्हाइट हाउस में उनसे मिलने गया, तब प्रेसिडेंट ट्रम्प के बारे में मीडिया में बहुत कुछ छपता था। तब वे नए-नए आए थे। दुनिया में उनकी अलग ही छवि बनी हुई थी। मुझे भी तरह-तरह की बातें बताई गई थीं। मैं व्हाइट हाउस पहुंचा तो पहले ही मिनट में उन्होंने प्रोटोकॉल की सारी दीवारें तोड़ दीं।
पीएम मोदी का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में उनके लिए प्रोटोकॉल की सभी दीवारें तोड़ दी थीं।
ट्रम्प ने पचासों बार कहा है कि मोदी मेरे दोस्त हैं पीएम ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प खुद मुझे पूरा व्हाइट हाउस घुमाने ले गए। जब वे मुझे चीजें बता रहे थे तो मैंने देखा कि उनके हाथ में कोई नोट या कागज नहीं था। उनके साथ कोई व्यक्ति नहीं था। वे मुझे बता रहे थे कि अब्राहम लिंकन यहां रहते थे। इस टेबल पर इस राष्ट्रपति ने दस्तखत किए थे। ये कमरा इतना बड़ा क्यों है।
मेरे लिए यह बहुत प्रभावशाली था कि वे इस संस्थान का कितना सम्मान करते हैं। वे अमेरिका के इतिहास के साथ कितने सम्मानपूर्ण और गहराई से उनका जुड़ाव है। मैं यह महसूस कर रहा था और वे मुझसे खुलकर बात कर रहे थे।
यह मेरी उनसे पहली मुलाकात का अनुभव था। मैंने देखा कि पहले कार्यकाल के बाद जब बाइडेन चुनाव जीत गए और यह चार साल का समय बीत गया। इस बीच हम दोनों को जानने वाला कोई भी उनसे मिलता था तो उन्होंने पचासों बार कहा होगा कि मोदी मेरे दोस्त हैं और उन्हें मेरी शुभकामनाएं देना। आमतौर पर ऐसा कम ही होता है।