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India Canada Conflict: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन कनाडा को ‘फाइव आईज’ से बाहर करने की तैयारी में.

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India Canada Conflict : डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी हरदीप निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया. अब ट्रंप प्रशासन कनाडा को ‘फाइव आईज’ से बाहर करने की तैयारी…और पढ़ें

ट्रूडो जिस Five Eyes के दम पर उछल रहे थे, ट्रंप उसी से बाहर करने की तैयारी में

डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन अब जस्‍ट‍िन ट्रूडो के ल‍िए सबसे बड़ी मुश्क‍िल लेकर आ रहा है.

हाइलाइट्स

  • ट्रंप प्रशासन कनाडा को ‘फाइव आईज’ से बाहर करने की तैयारी में है.
  • ट्रूडो ने ‘फाइव आईज’ का नाम लेकर निज्जर हत्या का आरोप भारत पर लगाया था.
  • ‘फाइव आईज’ में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा शामिल हैं.

अमेर‍िका के राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने जबसे सत्‍ता संभाली है, पूरी दुन‍िया में उथल पुथल मचा हुआ है. लेकिन सबसे ज्‍यादा मुसीबत में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्‍ट‍िन ट्रूडो है. वही ट्रूडो ज‍िन्‍होंने एक खाल‍िस्‍तानी हरदीप निज्‍जर की हत्‍या में सीधे-सीधे भारत से दुश्मनी मोल ले ली. झूठे आरोप लगाए क‍ि निज्‍जर की हत्‍या भारत सरकार के एजेंटों ने की है. इतना ही नहीं, बेशर्मी दिखाते हुए उन्‍होंने दुन‍िया के सबसे बेहतरीन खुफिया समूह ‘फाइव आईज’ (Five Eyes) का हवाला तक दे द‍िया. लेकिन भारत से दुश्मनी मोल लेकर वे ज्‍यादा द‍िन तक नहीं बच पाए. पहले सत्‍ता चली गई और अब खबर आ रही है क‍ि ट्रंप प्रशासन कनाडा को ही ‘फाइव आईज’ ग्रुप से बाहर करने की तैयारी में है.

फाइनेंश‍ियल टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के बड़े अधिकारी और डोनाल्‍ड ट्रंप के करीबी सलाहकार पीटर नवारो ने अमेर‍िकी सरकार को सुझाव द‍िया है क‍ि कनाडा को फाइव आईज ग्रुप से बाहर कर द‍िया जाए. फाइव आईज में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा हैं. ये देश दुन‍ियाभर की खुफ‍िया सूचनाएं एक दूसरे से शेयर करते हैं. इसे दुनिया का सबसे ताकतवर इंटेलिजेंस नेटवर्क माना जाता है. इसका मकसद आतंकवाद को रोकना और नेशनल सिक्योरिटी के लिए काम करना है.

‘फाइव आईज’ और न‍िज्‍जर कनेक्‍शन
‘फाइव आईज’ एक खुफिया संगठन है. यह ग्लोबल सर्विलांस (Global Surveillance) करता है और दुनिया भर में साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, सैन्य गतिविधियों और अन्य खुफिया जानकारी समूह के सभी देशों से साझा करता है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक कम्‍यून‍िकेशन, इंटरनेट डेटा मॉनिटरिंग, सैटेलाइट ट्रैकिंग और साइबर जासूसी जैसे कई महत्वपूर्ण सर्विलांस होते हैं. भारत फाइव आईज का सदस्य नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में भारत अमेरिका और अन्य देशों के साथ खुफिया सहयोग बढ़ा रहा है. लेकिन 18 जून 2023 को जब निज्‍जर की हत्‍या हुई तो जस्‍ट‍िन ट्रूडो ने इसी संगठन का नाम लेते हुए दावा कर द‍िया क‍ि ‘फाइव आईज’ ने हमारे साथ खुफ‍िया सूचना दी है क‍ि न‍िज्‍जर की हत्‍या में भारतीय खुफिया एजेंसियां शामिल हैं. हालांकि, भारत ने इसे बकवास बताया था.

जस्‍ट‍िन ट्रूडो अलग-थलग पड़े
जस्‍ट‍िन ट्रूडो ने फाइव आईज का नाम लेते हुए दावा तो कर द‍िया लेकिन अलग-थलग पड़ गए. कई देश उनसे नाराज हो गए. अब खबर आ रही है क‍ि अमेर‍िका खुद कनाडा को इस महत्‍वपूर्ण खुफ‍िया समूह से बाहर करने में लगा हुआ है. व्‍हाइट हाउस से जुड़े लोगों का कहना है कि नवारो ट्रंप से बार-बार कह रहे हैं कि अमेरिका को कनाडा पर और दबाव बनाना चाहिए और उसे फाइव आईज से निकाल देना चाहिए. यह अभी साफ नहीं है कि ट्रंप इस बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन उनके अधिकारी इस पर बात कर रहे हैं.

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ट्रूडो जिस Five Eyes के दम पर उछल रहे थे, ट्रंप उसी से बाहर करने की तैयारी में

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