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Firing Squad Execution US: अमेरिका में 15 साल बाद फायरिंग स्क्वॉड से मौत की सजा, ब्रैड सिगमॉन को गोलियों से भूना
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अमेरिका में 67 साल के ब्रैड सिगमॉन को 15 साल बाद पहली बार फायरिंग स्क्वॉड से मौत की सजा दी गई. उसने 2002 में अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता की हत्या की थी.

अमेरिका में ब्रैड सिगमॉन को गोली मारकर मौत की सजा दी गई. (AP/Reuters)
हाइलाइट्स
- ब्रैड सिगमॉन को फायरिंग स्क्वॉड से मौत की सजा दी गई
- सिगमॉन ने 2002 में अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता की हत्या की थी
- सिगमॉन ने फायरिंग स्क्वॉड को चुना ताकि तुरंत मौत हो सके
वॉशिंगटन: अमेरिका में एक कैदी को मौत की सजा दी गई है, जो अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है. 67 साल के ब्रैड सिगमॉन ने दो लोगों की हत्या की थी. सिगमॉन को मौत की सजा गोली मारकर दी गई है. 15 साल में यह इस तरह की पहली मौत की सजा थी. उसने खुद ही अपनी मौत के लिए इस विकल्प को चुना था. शुक्रवार की शाम 6 बजे साउथ कैरोलिना के ब्रॉड रिवर करेक्शनल इंस्टीट्यूशन में उसे फायरिंग स्क्वॉड में लाया गया. सिगमॉन ने काला जंपसूट और क्रॉक्स पहना हुआ था. उसके सीने पर सफेद कागज लगाया गया और बीच में एक लाल धब्बा बना था. सिगमॉन को एक कुर्सी पर बैठा कर उसकी बाहों और टखनों को कस कर बांध दिया गया. उसके नीचे एक बेसिन रखा गया ताकि उसका खून इकट्ठा किया जा सके.
शाम 6 बजे सिगमॉन के वकील ने उसके अंतिम शब्द पढ़े. 6:03 बजे एक जेल कर्मचारी ने 15 फीट दूर जाकर एक काला पर्दा हटाया, जिसके पीछे तीन जल्लाद खड़े थे. तीनों जल्लाद जेल गार्ड थे. ये जल्लाद .308 विनचेस्टर ‘टैप अर्बन’ बुलेट्स से लैस राइफल लेकर खड़े थे. ये गोलियां शरीर में घुसते ही उस अंग को तबाह कर देती हैं. शाम 6:05 बजे तीनों जल्लादों ने एक साथ गोलियां चलाईं. सिगमॉन के सीने पर लगा कागज वार से बिखर गया. उसके सीने से खून बहने लगा और एक मुट्ठी के आकार का छेद हो गया. उसके घाव के पास दिल का एक छोटा टुकड़ा भी दिख रहा था. शाम 6:06 बजे एक डॉक्टर ने स्टेथोस्कोप के साथ कमरे में प्रवेश किया और दो मिनट तक धड़कन सुनने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
क्यों दी गई थी मौत की सजा
सिगमॉन 2010 के बाद फायरिंग स्क्वॉड की ओर से मारा जाने वाला पहला व्यक्ति था. दर्जनों मानवाधिकार कार्यकर्ता मृत्युदंड के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जेल के बाहर इकट्ठा हुए थे. सिगमॉन को 2002 में मौत की सजा सुनाई गई थी, जब उसने अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता डेविड और ग्लैडिस लार्के को बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर मार डाला था. इसके बाद उसने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड रेबेका बारबेर का अपहरण कर लिया और उस पर गोली चला दी, लेकिन वह चलती कार से कूद गई. बाद में सिगमॉन ने अपने इकबालिया बयान में कहा, ‘अगर वह मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं हो सकती.’ बारबेर ने फैसला किया था कि वह सिगमॉन के मौत की सजा के दौरान मौजूद नहीं रहेंगी.
क्यों चुना फायरिंग स्क्वाड
अमेरिका में मौत की सजा पाने वाले शख्स को तीन विकल्प दिए जाते हैं. पहला इंजेक्शन के जरिए मौत, दूसरा इलेक्ट्रिकल कुर्सी और तीसरा फायरिंग स्क्वाड. सिगमॉन ने फायरिंग स्क्वॉड को चुना. रिपोर्ट्स के मुताबिक सिगमॉन के वकील का कहना है कि सिगमॉन को एक ऐसा विकल्प चाहिए था, जिससे उनकी तुरंत मौत हो जाए. उन्होंने इंजेक्शन के जरिए एक आदमी की मौत देखी थी, जिसे मरने में 20 मिनट लगे थे. वहीं इलेक्ट्रिक चेयर से उसे जलने का भय था और काफी डरावना था. उसने इसीलिए गोली का विकल्प चुना. सिगमॉन ने अपने आखिरी भोजन में केएफसी के चार टुकड़े, हरी बीन्स, मैश्ड आलू, बिस्कुट, चीजकेक और मीठी आइस्ड टी ली.
New Delhi,New Delhi,Delhi
March 09, 2025, 14:56 IST
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