Internattional

290KM की रफ्तार से आई तबाही, हिल गया भारत से 8000 KM दूर का देश, नई आफत का मंडराया खतरा

Published

on

Last Updated:

Cyclone News: जेलिया इस सीजन का पांचवां बड़ा तूफान रहा. इसमें 180 मील यानी 290 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं. इस तूफान के बाद अब वहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

290KM की रफ्तार से आई तबाही, हिल गया भारत से 8000 KM दूर का देश

जेलिया को कैटेगरी 4 का तूफान बताया गया, जिसमें 180 मील यानी 290 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं.

हाइलाइट्स

  • ऑस्ट्रेलिया में जेलिया तूफान ने भारी तबाही मचाई.
  • तूफान के बाद बाढ़ का खतरा मंडराया.
  • पिलबारा तट पर रिकॉर्ड बारिश हुई.

भारत से करीब 8000 किलोमीटर दूर स्थित ऑस्ट्रेलिया में जेलिया तूफान ने भारी तबाही मचाई है. इसे कैटेगरी 4 का तूफान बताया गया है, जिसमें 180 मील यानी 290 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं.

जेलिया इस सीजन का पांचवां बड़ा तूफान है और कैटेगरी 5 के रूप में पोर्ट हेडलैंड से 30 मील पूर्व में दोपहर 12:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) पहुंचा. हालांकि, शाम 7 बजे तक यह कैटेगरी 3 के तूफान में डाउनग्रेड हो गया, जिसमें 93 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं.

यह ट्रॉपिकल तूफान यानी उष्णकटिबंधीय चक्रवात शुक्रवार को दोपहर के आसपास पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तट से गुजर गया. यह चक्रवात पिलबारा क्षेत्र के छोटे से शहर डे ग्रे के पास से गुजरा. तूफान के कमजोर होने से पहले डे ग्रे में हवाएं 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं और वहां 500 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई.

अधिकारियों ने शनिवार की सुबह इसे पूर्व-उष्णकटिबंधीय चक्रवात घोषित किया, लेकिन चेतावनी दी कि भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे अचानक बाढ़ आ सकती है.

मौसम विज्ञान ब्यूरो (बीओएम) के एंगस हाइन्स ने बताया कि पिलबारा तट के कुछ हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश हुई है. उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन को बताया, ‘अगले कुछ दिनों तक बाढ़ का गंभीर असर रहेगा और सफाई कार्य जारी रहने के कारण बड़ी सड़कों के बंद रहने की संभावना है.’

तेज हवाओं ने पूरे क्षेत्र में पेड़ों को गिरा दिया, लेकिन शनिवार सुबह तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई थी. फोर्टेस्क्यू नदी, ऑन्सलो कोस्ट, एशबर्टन नदी, गैसकोइन नदी और सैंडी डेजर्ट जलग्रहण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सड़कें कट जाने के कारण कुछ कस्बे अलग-थलग पड़ गए हैं. हाइन्स ने कहा कि जल स्तर बढ़ने पर सड़कें बंद होने की आशंका है.

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग ने पिलबारा के निवासियों से क्षतिग्रस्त इमारतों, बाढ़ के पानी और गिरे हुए बिजली के तारों और पेड़ों के पास सतर्क रहने को कहा है. पोर्ट हेडलैंड हवाई अड्डे पर अतिरिक्त आपातकालीन सेवाएं पहुंचने लगी हैं, और रविवार को वाणिज्यिक उड़ानें फिर से शुरू होने की उम्मीद है.

homeworld

290KM की रफ्तार से आई तबाही, हिल गया भारत से 8000 KM दूर का देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

TRENDING

Exit mobile version