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विदेश मंत्री जयशंकर का ब्रिटेन दौरा: जेलेंस्की-ट्रंप के झगड़े के बीच अचानक यूरोप मिशन पर क्यों जा रहे जयशंकर? समझिए

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EAM S Jaishankar News: विदेश मंत्री एस जयशंकर ब्रिटेन और आयरलैंड के 6 दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं. वहां वह द्विपक्षीय सहयोग, यूक्रेन संघर्ष और व्यापार समझौते पर चर्चा करेंगे. यूरोप मिशन पर जयशंकर भारत के हितों को…और पढ़ें

ट्रंप से झगड़ जहां दौड़े गए जेलेंस्की, वहीं आज क्यों जा रहे जयशंकर? समझिए बात

जेलेंस्की-ट्रंप के झगड़े के बीच अचानक यूरोप मिशन पर क्यों जा रहे जयशंकर? स्वागत को बेताब अंग्रेज

हाइलाइट्स

  • जयशंकर 6 दिवसीय ब्रिटेन और आयरलैंड दौरे पर जाएंगे.
  • यूक्रेन संघर्ष और व्यापार समझौते पर चर्चा करेंगे.
  • जयशंकर लंदन में भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पंगा लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की कहां गए? जी हां, ब्रिटेन. जब जेलेंस्की को ट्रंप की फटकार लगी तो ब्रिटेन ने दिल खोलकर प्यार दिया. वाइट हाउस में तीखी बहस के बाद यूक्रेन और उसके राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के समर्थन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर खुलकर आए. उन्होंने यूरोपीय नेताओं की एक इमरजेंसी बैठक की मेजबानी की थी. अब उसी ब्रिटेन की धरती पर भारत के चाणक्य कहे जाने वाले विदेश मंत्री एस जयशंकर की दस्तक होने वाली है. जी हां, विदेश मंत्री एस जयशंकर आज से 6 दिनों के यूरोप मिशन पर जा रहे हैं.

एस जयशंकर आज यानी चार मार्च से ब्रिटेन और आयरलैंड का छह दिवसीय दौरा करेंगे. अंग्रेजों के घर में जयशंकर भारत की धमक दिखाएंगे. वह उन मुद्दों पर अंग्रेजों से आंख में आंख मिलाकर बात करेंगे, जिससे भारत का हित पूरा होगा. विदेश मंत्री एस जयशंकर के इस दौरे का मकसद होगा द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ावा देने के तरीकों को तलाशना. इतना ही नहीं, उनकी इस यात्रा पर यूक्रेन और ट्रेड डील का मुद्दा भी छाया रहेगा. हालांकि, यूक्रेन पर भारत अपना वही स्टैंड दिखाएगा, जो पीएम मोदी और भारत का शुरू से रहा है. एस जयशंकर सबसे पहले लंदन जाएंगे. अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

आज से 6 दिवसीय यात्रा पर जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर राजकीय दौरे पर जा रहे हैं. वैसे तो जयशंकर की आज से शुरू हो रही छह दिवसीय यात्रा पहले से निर्धारित थी. मगर ट्रंप-जेलेंस्की कांड और यूक्रेन के लिए समर्थन के लिए ब्रिटेन में स्टारमर के जुटान ने चीजें बदल दी हैं. अब जयशंकर की यह यात्रा और भी अहम हो गई है. उनकी बैठकों पर पूरी दुनिया की नजर होगी. ब्रिटेन में भारत का यूक्रेन को लेकर क्या रुख रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा. यह भी तय है कि पीएम मोदी का जो संदेश है युद्ध छोड़ो बुद्ध की राह पर चलो, जयशंकर भी वही दोहराएंगे.

क्या यूक्रेन पर चर्चा करेंगे जयशंकर
यह देखना भी दिलचस्प होगा कि एस जयशंकर और लैमी यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा करते हैं या नहीं. क्योंकि उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच हुई उस तीखी नोकझोंक की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसने पूरे विश्व का ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट किया है. जयशंकर का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत ने यूरोप, यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच किसी भी पक्ष से खुद को अलग रखने का फैसला किया है. पिछले हफ्ते भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दो प्रस्तावों पर मतदान से परहेज किया, जो यूक्रेन और अमेरिका की ओर से लाए गए थे. यह विदेश नीति की स्वतंत्रता का संकेत है, लेकिन जयशंकर की असल कूटनीतिक परीक्षा ब्रिटेन में होगी.

स्टारमर ने ब्रिटेन में क्या किया
डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की के बीच नोकझोंक के दो दिन बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर ने लंदन में यूरोपीय नेताओं के साथ एक शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी. साथ ही यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति समझौते की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई. जेलेंस्की से मुलाकात करने वाले स्टारमर ने शनिवार को कहा कि ब्रिटेन, यूक्रेन, फ्रांस और कुछ अन्य देश एक गठबंधन बनाएंगे और एक शांति योजना तैयार करेंगे. ऐसी उम्मीद है कि स्टारमर एस जयशंकर से यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश जरूर करेंगे.

किन-किन मुद्दों पर होगी बात
सूत्रों का कहना है कि जयशंकर और लैमी के बीच महत्वाकांक्षी भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा होने की उम्मीद है. पिछले महीने के अंत में भारत और ब्रिटेन ने ब्रिटिश व्यापार सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स की नई दिल्ली यात्रा के दौरान प्रस्तावित सौदे पर बातचीत फिर से शुरू की. विदेश मंत्रालय ने जयशंकर की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा, ‘भारत और ब्रिटेन के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जो रक्षा-सुरक्षा, व्यापार एवं अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों सहित विविध क्षेत्रों में मजबूत हुई है.’ जयशंकर लंदन में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे.

आयरलैंड भी जाएंगे विदेश मंत्री
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, एस जयशंकर 6-7 मार्च को आयरलैंड की अपनी यात्रा के दौरान अपने आयरिश समकक्ष साइमन हैरिस और अन्य गणमान्य व्यक्तियों और भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्री की यात्रा ब्रिटेन और आयरलैंड, दोनों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई गति प्रदान करेगी.

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