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यही है वह आतंकी, जिसके इंतजार में था अमेरिका, शरीफुल्लाह ने कोर्ट में की ऐसी मांग, जज ने तुरंत कर दी पूरी
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US News: अमेरिका ने अफगानिस्तान से आतंकी शरीफुल्लाह को पकड़ा. अब उसे अमेरिका की अदालत में पेश किया गया. वह अमेरिकी सैनिकों की मौत का जिम्मेदार है. उसे वर्जीनिया की अदालत में पेश किया गया. अगली सुनवाई सोमवार को …और पढ़ें

अमेरिका अपने दुश्मन को घसीटकर ले आया है.
हाइलाइट्स
- अमेरिका ने आतंकी शरीफुल्लाह को अफगानिस्तान से पकड़ा.
- शरीफुल्लाह को वर्जीनिया की अदालत में पेश किया गया.
- अगली सुनवाई सोमवार को होगी.
अमेरिका को जिसकी तलाश थी, वह पूरी हो गई. अमेरिका का चार साल पुराना इंतजार खत्म हो गया. यह अब अमेरिकी के जख्म पर मरहम का काम करेगा.जी हां, अमेरिकी एजेंसियों ने जिस आतंकी को अफगानिस्तान से पकड़ा है, वह अमेरिका की धरती पर पहुंच चुका है. अफगानिस्तान के एबी गेट पर अमेरिकी सैनिकों की मौत का जिम्मेदार आतंकवादी शरीफुल्लाह बुधवार शाम अमरीका पहुंचा. यहां उसे वर्जीनिया की अलेक्जेंड्रिया स्थित संघीय अदालत में पेश किया गया. अमेरिका ने पहली बार उसकी तस्वीर भी जारी की है.
अदालत में आतंकी शरीफुल्लाह को जज विलियम पोर्टर के सामने पेश किया गय. इस दौरान आतंकी शरीफुल्लाह ने ने बताया कि उसे अमेरिका में बोली जाने वाली भाषा समझ में नहीं आती. इसके बाद उसे दारी भाषा बोलने वाले दुभाषिया की मदद प्रदान की गई. कोर्ट में सुनवाई के दौरान आतंकवादी नीली वर्दी में था. उसके चेहरे पर फेस मास्क था. उसके साथ बड़ी संख्या में एफबीआई के एजेंट और सुरक्षा गार्ड थे. जज विलियम पोर्टर ने शरीफुल्लाहल और अमेरिकी सरकार की दलील सुनी. अदालत ने शरीफुल्लाह को उसके खिलाफ लगे आरोप बताए. इसके बाद उसे अगली सुनवाई तक हिरासत में रखने के आदेश जारी किया. उसकी अगली सुनवाई सोमवार की दोपहर होगी.
खुफिया रिपोर्ट क्या कहती है
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, शरीफुल्लाह को जफर, नासेर और अजमल के नाम से भी जाना जाता है. वह काबुल में कम से कम 29 आत्मघाती बम विस्फोट और कई आतंकवादी हमलों को अंजाम देने और उसकी योजना बनाने में शामिल था. शरीफुल्ला पर प्रारंभिक जांच के बाद यह आरोप लगाया गया है कि उसने काबुल एयरपोर्ट पर एबी गेट अटैक में मुख्य भूमिका निभाई. वह अफगान राष्ट्रपति महल और अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट हमलों सहित अन्य हमलों में शामिल था. शरीफुल्लाह आईएसआईएस-के की काबुल कतिबा इकाई का हिस्सा था.
कब हुआ रिहा
वह आईएसआईएस-के (खुरासान) नेता शहाब अल-मुहाजिर का करीबी था. उसे पहले अगस्त 2019 में पिछली अफगान गुप्त एजेंसी एनडीएस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन जब अगस्त 2021 में तालिबान ने काबुल पर नियंत्रण कर लिया तो उसे बगराम जेल से रिहा कर दिया गया. इसके ऊपर ही आरोप है कि उसकी वजह से ही 2021 में काबुल अटैक में अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हुई थी.
शरीफुल्लाह की कुंडली और पाक की मदद
शरीफुल्लाह को ISIS में जफर के अलावा इंजीनियर शरीफ और अजमल के नाम से भी जाना जाता था. आतंकवादी संगठन आईएसआईएस खुरासन प्रोविंस में जब वह सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा था, तब वह इशाकजई नाम से टेलीग्राम अकाउंट के जरिए अपने मातहतों का नेतृत्व कर रहा था. बताया गया कि उसकी गिरफ्तारी में पाकिस्तान ने बड़ी मदद की है. तभी डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते वक्त उसकी तारीफ की. बहरहाल, सोमवार को उसे फिर से अमेरिकी कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा.
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March 06, 2025, 08:31 IST
यही है वह आतंकी, जिसके इंतजार में था US, अदालत में की ऐसी मांग, तुरंत हुई पूरी