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मैं टेस्ट खेलना चाहता हूं लेकिन…वरुण चक्रवर्ती का छलका दर्द

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Varun Chakravarthy वरुण चक्रवर्ती ने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर भारत को खिताब दिलाया. टेस्ट क्रिकेट में दिलचस्पी के बावजूद उन्हें लगता है कि उनकी गेंदबाजी स्टाइल इसके लिए फिट नहीं है.

मैं टेस्ट खेलना चाहता हूं लेकिन...वरुण चक्रवर्ती का छलका दर्द

वरुण चक्रवर्ती को लगता है उनकी गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट के लिए फिट नहीं

हाइलाइट्स

  • वरुण चक्रवर्ती टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं.
  • वरुण को लगता है उनकी गेंदबाजी टेस्ट के लिए फिट नहीं.
  • वरुण ने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी कर वाहवाही लूटी

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम की नई सनसनी मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी कर विरोधी बल्लेबाजों को पस्त कर दिया. भारत को खिताब दिलाने में इस खिलाड़ी का अहम योगदान रहा. वनडे और टी20 में दमदार प्रदर्शन करने वाले वरुण टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं लेकिन उनको लगता है वो इसके लिए नहीं बने. इस गेंदबाज ने खुद ही माना कि जैसी गेंदबाजी करते हैं उसके हिसाब से तो टीम इंडिया में वो जगह शायद नहीं बना पाएंगे.

वरुण चक्रवर्ती ने सितंबर 2018 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू के बाद से 27 लिस्ट ए और 106 टी20 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने अपने प्रदर्शन से इतना प्रभाव छोड़ा कि उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया. वरुण 2021 टी20 वर्ल्ड कप में भारत की टीम का हिस्सा थे, जहां टीम ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई थी. इसके बाद उनको काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. अपनी कमियों पर काम करके टीम इंडिया में वरुण ने वापसी की और चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के अहम हथियार साबित हुए.

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दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु के लिए खेलने वाले वरुण के नाम सिर्फ एक फर्स्ट क्लास मैच है. नवंबर 2018 में हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने यह मुकाबला खेला था. वरुण टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में कम अनुभव की वजह से उनको लगता है कि वो इस फॉर्मेट में भारत के लिए खेलने का सपना पूरा नहीं कर सकते.

गोबिनाथ के यूट्यूब चैनल पर एक पॉडकास्ट में वरुण ने कहा, “मुझे टेस्ट क्रिकेट में दिलचस्पी है, लेकिन मेरी गेंदबाजी का स्टाइल टेस्ट क्रिकेट के लिए फिट नहीं. मेरी गेंदबाजी लगभग मीडियम पेस जैसी है. टेस्ट क्रिकेट में आपको लगातार 20-30 ओवर गेंदबाजी करनी होती है. मैं ऐसा नहीं कर सकता. चूंकि मैं तेज गेंदबाजी करता हूं, इसलिए मैं अधिकतम 10-15 ओवर ही फेंक सकता हूं, जो रेड बॉल के लिए उपयुक्त नहीं है. फिलहाल मैं 20 ओवर और 50 ओवर के व्हाइट बॉल क्रिकेट पर ध्यान लगा रहा हूं.”

वरुण ने देर से क्रिकेट में कदम रखा. उन्होंने आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल करने के लिए क्रिकेट छोड़ दिया और चेन्नई में एक फर्म में काम करने लगे. दो साल बाद उन्होंने अपने क्रिकेट के सपने को पूरा करने के लिए वापसी की. स्कूल के दिनों में वरुण एक विकेटकीपर-बल्लेबाज थे, फिर उन्होंने मीडियम पेस गेंदबाजी की ओर रुख किया. आखिरकार उन्होंने स्पिन गेंदबाजी को अपनाया.

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