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महमूद खलील की गिरफ्तारी: अमेरिका में विवाद और कानूनी लड़ाई.

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Mahmood Khalil News: महमूद खलील फिलिस्तीनी मूल के अमेरिकी ग्रीन कार्ड धारक हैं. उन्हें ट्रंप प्रशासन ने गिरफ्तार किया है. उनकी गिरफ्तारी पर अमेरिका में बवाल मचा है. खलील की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे…और पढ़ें

कौन हैं महमूद खलील, जो अमेरिका में छा गए, क्यों गिरफ्तारी से आया भूचाल?

महमूद खलील की गिरफ्तारी ने अमेरिका में भूचाल ला दिया है.

हाइलाइट्स

  • महमूद खलील की गिरफ्तारी पर अमेरिका में बवाल मचा है.
  • खलील की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं.
  • ट्रंप प्रशासन ने खलील की गिरफ्तारी को मंजूरी दी.

महमूद खलील फिलिस्तीनी मूल के नागरिक हैं. हाल ही में वह अमेरिका में चर्चा का विषय बन गए हैं. वे कोलंबिया विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक छात्र और एक सक्रिय फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ता हैं. उन्हें 8 मार्च 2025 को अमेरिकी इमिग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) अधिकारियों ने न्यूयॉर्क में उनके यूनिवर्सिटी के अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था. महमूद खलील के पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड था. यह उन्हें स्थायी निवासी का दर्जा देता है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी को मंजूरी दी और उनके ग्रीन कार्ड को रद्द करने का प्रयास किया. महमूद खलील की उम्र 29 साल है. उन्हें लेकर अब अमेरिका में बवाल मचा हुआ है. महमूद खलील की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को मैनहट्टन में प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच झड़प हो गई. चलिए जानते हैं कि क्या विवाद है और वह कौन हैं?

जानिए कौन हैं और क्या है ममामला
महमूद खलील का जन्म 1995 में सीरिया में एक फिलिस्तीनी परिवार में हुआ था. वे अल्जीरियाई नागरिक हैं. उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स से दिसंबर 2024 में मास्टर डिग्री हासिल की. इससे पहले उन्होंने लेबनानी अमेरिकी विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी. खलील 2024 में कोलंबिया विश्वविद्यालय में गाजा एकजुटता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जहां उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी अपार्थाइड डिवेस्ट (CUAD) समूह के साथ मिलकर विश्वविद्यालय से इजरायल से वित्तीय संबंध तोड़ने और गाजा में युद्धविराम की मांग की थी. यह आंदोलन 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद पूरे अमेरिका में विरोध प्रदर्शन फैल गए.

गिरफ्तारी और विवाद
खलील की गिरफ्तारी ट्रंप प्रशासन के उस अभियान का हिस्सा है, जो फिलिस्तीन समर्थक छात्र आंदोलनों को दबाने और कथित ‘यहूदी-विरोधी’ गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए चलाया जा रहा है. ICE एजेंट्स ने शुरू में उनकी गिरफ्तारी को उनके छात्र वीजा को रद्द करने के आधार पर शुरू किया था, लेकिन जब पता चला कि उनके पास ग्रीन कार्ड है, तो उसे भी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई. अधिकारियों ने दावा किया कि खलील ने हमास का समर्थन किया था. हालांकि कोई आपराधिक आरोप औपचारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया. इसके बाद उन्हें लुइसियाना के जेना में लासाल डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया. हमास को अमेरिका में आतंकवादी संगठन मानता है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए इसे ‘कई और गिरफ्तारियों की शुरुआत’ बताया. ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन आतंकवाद समर्थक और यहूदी-विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा. दूसरी ओर, खलील के समर्थकों और नागरिक अधिकार समूहों, जैसे न्यूयॉर्क सिविल लिबर्टीज यूनियन (NYCLU), ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया. उनकी पत्नी, जो एक अमेरिकी नागरिक हैं और आठ महीने की गर्भवती हैं, ने भी उनकी रिहाई की मांग की है.

कानूनी लड़ाई और विरोध
10 मार्च 2025 को न्यूयॉर्क में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने खलील की रिहाई के लिए मार्च किया. उसी दिन, एक संघीय न्यायाधीश जेसी एम. फुरमैन ने उनकी निर्वासन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी, ताकि उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हो सके. खलील के वकील, एमी ग्रीर, ने कहा कि यह मामला अमेरिकी सरकार द्वारा छात्र सक्रियता और राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास है. 14 अमेरिकी सांसदों ने भी एक पत्र पर हस्ताक्षर कर ICE से खलील को रिहा करने की मांग की है.

क्या है आगे?
यह मामला अमेरिका में आप्रवासियों के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक सक्रियता को लेकर बड़े सवाल उठा रहा है. खलील का भविष्य अब अदालत के फैसले पर निर्भर करता है, जो आने वाले दिनों में होने वाली सुनवाई में तय होगा. इस बीच, यह घटना अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रही है और ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर बहस को तेज कर रही है. (इनपुट एआई से)

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