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भारत-बांग्लादेश सीमा पर बिना वीजा और कस्टम ड्यूटी के बाजार.

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Indo-Bangladesh International Border: शेख हसीना को शरण देने के लिए भारत और बांग्‍लादेश के बीच भले ही राजनैतिक तनाव बढ़ा हो, लेकिन दोनों देशों की सीमाओं पर होने वाला स्‍थानीय व्‍यापार एक बार फिर सामान्‍य होने लग…और पढ़ें

तनाव के बीच भी बॉर्डर पर सजा बाजार, वीजा-कस्‍टम का नहीं झंझट, खूब खरीदें सामान

हाइलाइट्स

  • भारत-बांग्लादेश सीमा पर फिर से बाजार सजने लगे हैं.
  • बिना वीजा और कस्टम ड्यूटी के खरीददारी संभव.
  • भारतीय और बांग्लादेशी करेंसी दोनों स्वीकार्य.

Indo-Bangladesh International Border: बांग्‍लादेश में तख्‍ता पलट के बाद तत्‍कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में शरण ले ली थी. तब से भारत और बांग्‍लादेश के बीच तनाव चरम पर है. दोनों देशों के बीच जारी तनाव के इतर भारत-बाग्‍लांदेश की सीमा पर एक अनूठा बाजार सजा है. इस बाजार में दोनों देश के नागरिक जाकर मनचाही खरीददारी कर सकते हैं. इस खरीददारी के लिए उन्‍हें ना ही वीजा की जरूरत होगी और ना ही कस्‍टम ड्यूटी के भुगतान का कोई झंझट होगा.

इतना ही नहीं, भारतीय नागरिक बांग्‍लादेश में और बांग्‍लादेशी नागरिक भारत में बिना रोक आ जा सकते हैं. यहां पर खरीददारी के लिए आपको करेंसी एक्‍सचेंज कराने की भी जरूरत नहीं है. दोनों ही देश एक-दूसरे की करेंसी भी स्‍वीकार करेंगे. पहला बाजार दक्षिण त्रिपुरा के श्रीनगर और दूसरा बाजार कमलासागर इलाके में है. दोनों ही इलाके भारत और बांग्‍लादेश इंटरनेशनल बॉर्डर पर स्थि‍त है. सप्‍ताह में एक से दो दिन लगने वाला यह बाजार स्‍थानीय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है.

दोनों देशों की तरफ से लगती है करीब 54 दुकानें
सुरक्षा से जुड़े सीनियर ऑफिसर के अनुसार, इस बाजार के लिए दोनों देशों की तरफ से 75-75 वर्ग मीटर जगह उपलब्‍ध कराई गई है. जिसमें भारत की तरफ से 27 दुकाने लगाई जाती है और इतनी ही दुकाने बांग्‍लादेश की तरफ से भी लगाई जाती है. बांग्‍लादेशी दुकानों में सबसे अधिक वहां की प्रस‍िद्ध हिल्‍सा मछली, रेडिमेड गारमेंट, कॉटन की साड़ियां, लेदर की वस्‍तुएं, प्‍लाटिक का सामान, फल और सब्जियां उपलब्‍ध होता है. बांग्‍लादेश की हिल्‍सा मछली त्रिपुरा के लोग बहुत पसंद करते हैं.

भारत से बांग्‍लादेश जाती हैं ये वस्‍तुएं
इसी तरह, भारत की तरफ स्थित दुकानों में दवाइयां, बनारसी साडियां, हस्‍तशिल्‍प की वस्‍तुएं, स्‍टील के बर्तन, फल और कटहल खास तौर पर उपलब्‍ध होता है. उन्‍होंने बताया कि बांग्‍लादेश की तरफ स्थिति बाजार की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी बॉर्डर गार्डिंग बांग्‍लादेश (बीजीबी) के हिस्‍से में होती है. वहीं, भारत के तरफ की दुकानों की जिम्‍मेदारी बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पास होती है. इस दौरान, इस बात का खास ख्‍याल रखा जाता है कि कोई भी शख्‍स गैरकानूनी तरीके से बाजार के इतर दोनों देशों की सीमा में दाखिल न हो पाएं.

फिलहाल जारी हैं दो ही बॉर्डर हाट
आपको बता दें कोविड के पहले तक भारत और बांग्‍लादेश की सीमा में कुल सात बाजार लगते थे. इनमें, तारापुर-कमला सागर, बलियामारी-कलैरचर, छगलनैया-श्रीनगर, भोलागंज-पूर्वी खासी हिल्स, डोलुरा-बालाट, लाउवाघर-बलात और बागानबाड़ी-रिंकू बॉर्डर हाट शामिल थे. कोविड के दौरान सभी बाजारों को बंद कर दिया गया था. वहीं, भारत और बांग्‍लादेश के बीच राजनैतिक दबाव बढ़ने के बाद तक सभी बाजार बंद थे. बीते कुछ समय पहले तारापुर-कमला सागर और छगलनैया-श्रीनगर को खोला गया है.

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