Internattional

डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप को यूक्रेन की मदद पर फटकार लगाई.

Published

on

Last Updated:

Russia Ukraine War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप पर यूक्रेन को मदद से ज्यादा रूस से तेल-गैस खरीदने का आरोप लगाया. फिनलैंड की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप ने 2024 में रूस से 23 अरब डॉलर का ईंधन खरीदा, …और पढ़ें

यूक्रेन को लड़वाएंगे और रूस से तेल भी खरीदेंगे... ट्रंप ने लगाई फटकार

यूरोप का दोहरा चरित्र ट्रंप ने दुनिया के सामने रखा.

हाइलाइट्स

  • ट्रंप ने यूरोप पर रूस से तेल खरीदने का आरोप लगाया
  • यूरोप ने 2024 में रूस से 23 अरब डॉलर का ईंधन खरीदा
  • ट्रंप और जेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप को यूक्रेन को मदद पर कड़ी फटकार लगाई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोप पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने यूक्रेन की मदद से कहीं ज्यादा पैसा रूस से पेट्रोलियम खरीदने पर खर्च किया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की (47) और ट्रंप (78) के बीच शुक्रवार को ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई थी. इस बहस के बाद जेलेंस्की ने अपना अमेरिका दौरा बीच में छोड़कर ब्रिटेन की यात्रा की थी. यूरोपीय नेताओं ने बहस के बाद जेलेंस्की के समर्थन में बयान दिया था. हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन बयानों को खोखला करार दिया है.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘यूरोप ने यूक्रेन की रक्षा के लिए जितना पैसा खर्च किया है, उससे कहीं ज्यादा वह रूस से तेल और गैस खरीद चुका है. कई गुना ज्यादा.’ पिछले सप्ताह फिनलैंड स्थित सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) ने एक रिपोर्ट जारी की थी. इसमें बताया गया था कि यूरोपीय संघ के देशों ने पिछले साल रूस से 23 अरब डॉलर का जीवाश्म ईंधन खरीदा, जो 2023 की तुलना में सिर्फ एक फीसदी की गिरावट है. इसी दौरान यूरोप ने 19.6 अरब डॉलर की सहायता यूक्रेन को भेजी. 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से, रूस ने पेट्रोलियम और अन्य जीवाश्म ईंधनों से लगभग 888.5 अरब डॉलर कमाए.

कौन खरीद रहा कितना तेल
रूस की कुल जीडीपी 2023 में लगभग 2.2 ट्रिलियन डॉलर थी, जो कि उसके तेल और गैस निर्यात से होने वाली आय की तुलना में कहीं ज्यादा नहीं थी. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के सबसे बड़े तेल खरीदारों में चीन (81.8 अरब डॉलर), भारत (51.5 अरब डॉलर) और तुर्की (35.6 अरब डॉलर) शामिल हैं. भारत की ओर से रूसी जीवाश्म ईंधन की खरीद 2023 की तुलना में 8 फीसदी बढ़ गई है. जबकि तुर्की की खरीद 6 फीसदी बढ़ी है. CREA ने यह भी चेतावनी दी कि रूस का कुल तेल निर्यात का 61 फीसदी शैडो जहाजों के जरिए हो रहा है.

अब तक कितनी मदद दी गई?
युद्ध शुरू होने के बाद से यूरोप ने यूक्रेन की मदद के लिए 138.7 अरब डॉलर और अमेरिका ने 119.7 अरब डॉलर दिए हैं. अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, अमेरिका का कुल योगदान 182.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. ट्रंप लंबे समय से इस बात को लेकर नाराजगी जताते रहे हैं कि यूरोपीय देशों ने अपनी धरती पर चल रहे इस युद्ध को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए. पिछले सप्ताह ओवल ऑफिस में जेलेंस्की और ट्रंप के बीच जोरदार बहस हुई थी, जिसके बाद अमेरिका और यूक्रेन के बीच होने वाली मिनरल डील नहीं हो सकी.

homeworld

यूक्रेन को लड़वाएंगे और रूस से तेल भी खरीदेंगे… ट्रंप ने लगाई फटकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

TRENDING

Exit mobile version