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डोनाल्ड ट्रंप थे केजीबी के जासूस! रूस के पूर्व खुफिया अफसर ने किया सनसनीखेज खुलासा
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एक फेसबुक पोस्ट वायरल हो रही है. इसमें लिखा है कि 1980 में डोनाल्ड ट्रंप जब रूस गए थे, तब रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी ने उनसे संपर्क किया था. उस समय ट्रंप 40 साल के थे.

डोनाल्ड ट्रंप पर फिर से केजीबी का जासूस होने का आरोप लगा है. (Image:PTI)
हाइलाइट्स
- 1987 में ट्रंप को सोवियत संघ ने जासूस बनाया था.
- केजीबी ने ट्रंप को ‘क्रास्नोव’ नाम दिया था.
- ट्रंप ने रूस या केजीबी से किसी भी रिश्ते से इनकार किया.
मॉस्को. रूस के एक पूर्व केजीबी अफसर ने दावा किया है कि 1987 में डोनाल्ड ट्रंप को सोवियत संघ ने जासूस बना लिया था. यह दावा किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है. फेसबुक पोस्ट में अफसर का नाम अलनूर मुसायेव बताया गया है. मुसायेव का कहना है कि केजीबी ने ट्रंप को अपने साथ मिला लिया था. उन्हें ‘क्रास्नोव’ नाम दिया गया था.
वायरल पोस्ट के मुताबिक, 1980 में 40 साल के ट्रंप जब सोवियत संघ गए थे, तब केजीबी ने उनसे संपर्क किया था. मुसायेव ने बताया कि वह मॉस्को में केजीबी के छठे विभाग में काम करते थे. उनका काम ‘पूंजीवादी देशों’ के बिजनेसमैन को जासूसी के लिए तैयार करना था. उन्होंने दावा किया कि उनका विभाग एक ‘अमेरिकी प्रॉपर्टी कारोबारी’ को अपने साथ मिलाने में कामयाब रहा था.
ट्रंप ने रूस या केजीबी से किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार किया है. लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब उनके रूस से संबंधों पर सवाल उठे हैं. 2017 में ब्रिटेन के एक पूर्व खुफिया अफसर क्रिस्टोफर स्टील ने एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रूस के पास ट्रंप को ब्लैकमेल करने के लिए कुछ सबूत हैं. स्टील की रिपोर्ट में एक वीडियो था, जिसमें ट्रंप मॉस्को के एक होटल में दिख रहे थे.
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मुसायेव के आरोप नए नहीं हैं. 2021 में केजीबी के एक और पूर्व अधिकारी यूरी श्वेत्स ने भी यही दावा किया था. उन्होंने ‘अमेरिकन कोम्प्रोमैट’ नाम की एक किताब में लिखा था कि 1980 में रूस ने ट्रंप को जासूस बना लिया था.
February 25, 2025, 21:39 IST
ट्रंप थे केजीबी के जासूस! रूस के पूर्व खुफिया अफसर ने किया सनसनीखेज खुलासा