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डोनाल्ड ट्रंप और वोलोडिमिर जेलेंस्की की तीखी बहस से रूस हैरान

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Trump Zelenskyy Debate: अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय में हुई बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने वोलोडिमिर जेलेंस्की से कुछ तीखे सवाल किए और इस दौरान जेलेंस्की थोड़े …और पढ़ें

तो क्या जेलेंस्की को थप्पड़ मारने वाले थे डोनाल्ड ट्रंप.. रूस ने क्यों कहा ऐसा

व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप और वोलोडिमिर जेलेंस्की में बहस हो गई थी. (रॉयटर्स)

हाइलाइट्स

  • ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी बहस हुई.
  • रूस ने ट्रंप की संयमित प्रतिक्रिया पर आश्चर्य जताया.
  • जेलेंस्की ने बैठक के बाद व्हाइट हाउस छोड़ा.

मॉस्को. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच व्हाइट के ओवल ऑफिस में जो कुछ हुआ, उससे रूस हैरान है. वह यह नहीं समझ पा रहा है कि आखिर जेलेंस्की के बर्ताव को ट्रंप कैसे बर्दाश्त कर गए. दोनों शीर्ष नेताओं के बीच हुई तीखी बहस इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है.

रूस ने इस बात को लेकर आश्चर्य जताया है कि ‘ओवल ऑफिस’ में तीखी बहस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को थप्पड़ मारने से खुद को कैसे रोक लिया. अमेरिकी राष्ट्रपति ऑफिस ‘ओवल ऑफिस’ में शुक्रवार को बैठक के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी और ट्रंप ने जेलेंस्की पर “लाखों लोगों का जीवन खतरे में डालने” का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी कार्रवाई से तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता था. बैठक के बाद जेलेंस्की अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर व्हाइट हाउस से चले गए. उन्हें अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण खनिज समझौते पर हस्ताक्षर करने थे.

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोव ने बैठक में हुई बहस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ‘टेलीग्राम’ पर लिखा कि व्हाइट हाउस में जेलेंस्की का सबसे बड़ा झूठ यह दावा था कि 2022 में यूक्रेन अकेला पड़ गया था और उसके पास किसी का समर्थन नहीं था. उन्होंने कहा, “यह आश्चर्य की बात है कि ट्रंप और (अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी) वेंस ने उन्हें थप्पड़ मारने से खुद को कैसे रोक लिया.”

डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ यूक्रेनी प्रेसिडेंट वोलोदिमिर जेलेंस्की की तीखी बहस को रूसी मीडिया एक ‘अच्छी खबर’ के तौर पर देख रहा है. वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी भी इससे बहुत खुश हैं. रूसी सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, ने टेलीग्राम पर लिखा कि यूएस प्रेसिडेंट ने यूक्रेन को ‘कड़ा तमाचा’ जड़ा है हालांकि यह नाकाफी है – हमें नाजी मशीन (जेलेंस्की सरकार) की सैन्य सहायता बंद करनी होगी.

राज्य-नियंत्रित मीडिया आउटलेट आरटी ने ट्रम्प-जेलेंस्की की बैठक को लेकर एक्स पर लिखा: “जेलेंस्की अपने दोनों पैरों के बीच हाथ रखकर बैठे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति उन पर निशाना साध रहे हैं.” इस बीच, रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने ओवल ऑफिस में हुई तीखी नोकझोंक को ‘ऐतिहासिक’ बताया. दिमित्रिएव 18 फरवरी को सऊदी अरब में आयोजित रूसी-अमेरिकी वार्ता में मास्को के वार्ताकारों में से एक थे.

व्हाइट हाउस में हुई ट्रंप-जेलेंस्की नोकझोंक के बाद जहा अधिकांश यूरोपीय नेताओं ने जेलेंस्की और यूक्रेन का समर्थन किया वहीं हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ट्रंप की तारीफ करते नजर आए. पुतिन के दोस्त ओर्बन के मुताबिक ट्रंप ‘शांति के लिए बहादुरी से खड़े हैं. भले ही कई लोगों के लिए इसे पचाना मुश्किल हो.’ उन्होंने एक्स पर लिखा, “शक्तिशाली लोग शांति कायम करते हैं, कमजोर लोग युद्ध करते हैं.”

अमेरिकी नेताओं ने जेलेंस्की पर उनकी टिप्पणियों के लिए व्हाइट हाउस और अमेरिका का अनादर करने का आरोप लगाया. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति ने उन पर आक्रमण का शिकार होने की हताशा को महसूस नहीं करने का आरोप लगाया. दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए. इस समझौते का उद्देश्य कीव के युद्ध प्रयासों में किए मदद के लिए यूक्रेन के दुर्लभ खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के भंडार पर अमेरिका का अधिकार स्थापित करना था.

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