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डोनाल्ड ट्रंप और जस्टिन ट्रूडो के बीच तनाव के पीछे की कहानी.Trump Trudeau Tensions
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डोनाल्ड ट्रंप और जस्टिन ट्रूडो के बीच तनाव का कारण ट्रंप के होटल प्रोजेक्ट्स की असफलता है. ट्रंप ने कनाडा में कारोबार फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रहे. अब ट्रंप बदला ले रहे हैं.

जस्टिन ट्रूडो और कनाडा से डोनाल्ड ट्रंप का टकराव बहुत पुराना है.
हाइलाइट्स
- ट्रंप और ट्रूडो के बीच तनाव का कारण ट्रंप के होटल प्रोजेक्ट्स की असफलता है.
- ट्रंप ने कनाडा में कारोबार फैलाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे.
- ट्रंप ने कनाडाई और मैक्सिकन प्रोडक्ट्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया.
भारत को आंख दिखाने वाले जस्टिन ट्रूडो और कनाडा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन पर लगातार हमले कर रहे हैं. अगर आपको लगता है कि इसके पीछे सिर्फ ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति है, तो रुकिये. इसके पीछे कहानी एक होटल से शुरू होती है… वो प्रोजेक्ट जिसे जस्टिन ट्रूडो ने परवान चढ़ने नहीं दिया और अब कहा जा रहा है कि ट्रंप उसी का बदला ले रहे हैं.
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीति में प्रवेश करने से पहले ट्रंप अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते थे. उन्होंने कनाडा में कारोबार फैलाने की कोशिश की. वहां एक ट्रंप टॉवर बनाने का प्लान था, जो एक लग्जरी होटल की शक्ल में होता, लेकिन उनका सपना पूरी तरह पूरा नहीं हो सका. ट्रंप को इसे टोरंटो की कंपनी के साथ मिलकर तैयार करना पड़ा. यह कंपनी बाद में दीवालिया हो गई और ट्रंप के लिए शर्मिंदगी की वजह बनी. उनके ब्रांड पर भी इसका असर पड़ा. इसके अलावा उन्होंने वैंकूवर में ट्रंप इंटरनेशनल होटल एंड टॉवर बनाया, मगर उसके साथ भी खेल हो गया. मलेशिया की जिस कंपनी के साथ मिलकर ट्रंप ने इसे बनाया था, वह फंस गई और आखिरकार 2020 में इसे बंद करना पड़ा. इन प्रोजेक्ट के फेल हो जाने से कनाडा में ट्रंप की लोकप्रियता पहले ही गिर चुकी थी. यही वजह है कि वहां के नेताओं ने ट्रंप के साथ शत्रुतापूर्ण रिश्ता रखा.
ट्रूडो और ट्रंप में टकराव पुराना
1. डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बीच व्यक्तिगत और राजनीतिक तनाव ने अमेरिका-कनाडा संबंधों में आग में घी का काम किया. ट्रूडो की नेतृत्व शैली कूटनीति और वैश्विक सहयोग पर केंद्रित है, जबकि ट्रंप की शैली अधिक आक्रामक और टकरावपूर्ण है. कई मौकों पर दोनों के बीच मतभेद साफ साफ देखा गया है.
2. 2018 में क्यूबेक के चारलेवॉक्स में जी7 शिखर सम्मेलन में ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी ही होने वाला था कि ट्रंप ने कह दिया कि वे इससे सहमत नहीं हैं. इसके बाद ट्रूडो ने ट्ववीट कर ट्रंप पर हमला बोला. उन्हें “बहुत बेईमान और कमजोर” कहा. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ट्रूडो ने अमेरिकी स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ के खिलाफ कनाडा के विरोध को दोहराया था, जिससे ट्रंप नाराज हो गए.
3. ठीक इसी तरह 2019 में फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में एक और घटना ने ट्रूडो के प्रति ट्रंप की नापसंदगी के बारे में अटकलों को बढ़ावा दिया. एक फोटो में ट्रूडो मेलानिया ट्रंप की ओर झुके नजर आए, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे छेड़छाड़ की तरह दिखाया. कुछ का मानना था कि ट्रूडो ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वे ट्रंप का अपमान करना चाहते थे.
4. ट्रंप कहते रहे हैं कि कनाडा अमेरिका के साथ गलत बर्ताव कर रहा है. उन्होंने नार्थ यूएस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की आलोचना की. इसे अब तक का सबसे खराब सौदा बताया. ट्रंप ने कहा, इससे ज्यादातर कनाडा और मेक्सिको को फायदा हुआ जबकि अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान हुआ.
5. ट्रंप ने 2018 में कनाडाई स्टील पर 25 प्रतिशत और एल्युमिनियम पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया. कहा-ये सुरक्षा को देखते हुए लगाया गया है. हालांकि कई एक्सपर्ट ने इसे खारिज कर दिया. जवाब में कनाडा ने भी अमेरिका से आने वाले प्रोडक्ट पर उतना ही टैरिफ ठोंक दिया. यही सीन अब 2024 में दोहराया जा रहा है. मंगलवार को ट्रंप के कनाडाई और मैक्सिकन प्रोडक्ट पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया.
ट्रंप क्यों ललचा रहे
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप कनाडा के मिनरल्स को देखकर ललचा रहे हैं. कनाडा में लिथियम, कोबाल्ट समेत कई मिनरल्स के बड़े भंडार हैं. यह नई टेक्नोलॉजी और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए जरूरी हैं. अभी अमेरिका इस तरह के मिनरल्स चीन से मंगाता है, इसलिए वह चाहता है कि कनाडा से मिल जाए तो बेहतर होगा.
New Delhi,New Delhi,Delhi
March 04, 2025, 19:54 IST
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