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जापान में फ्रेंडशिप मैरिज: बिना प्यार और सेक्स के शादी का नया चलन

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Japan Friendship Marriage: जापान में पारंपरिक शादी से दूर भागते युवा ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ अपना रहे हैं, जिसमें प्यार और शारीरिक संबंध नहीं होते. ‘कलर्स’ एजेंसी ने 2015 से 500 ऐसी शादियां करवाई हैं.

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जापान में फ्रेंडशिप मैरिज: बिना प्यार और सेक्स के शादी का नया चलन

हाइलाइट्स

  • जापान में फ्रेंडशिप मैरिज का नया चलन है.
  • इसमें प्यार और शारीरिक संबंध जरूरी नहीं होते.
  • कलर्स एजेंसी ने 2015 से 500 ऐसी शादियां करवाई हैं.

नई दिल्ली: शादी को लेकर सबकी अलग-अलग सोच और मान्यताएं हैं. शादी को कोई जिंदगी और समाज का जरूरी हिस्सा मानता है तो कोई निर्रथक. किसी के लिए शादी जिंदगी जीने का जरिया है तो किसी के लिए एक जबरन सामाजिक बंधन. कोई शादी को सृष्टि चलाने का जरिया मानता है तो कोई शादी को गैर-जरूरी रस्म. हालांकि, कई बहस के बीच शादी जिंदगी का अहम हिस्सा है. शादी जिंदगी जीने का एक आधार होता है. शादी एक तरह से परिवार शुरू करने का जरिया है. हालांकि, अब शादी की परिभाषा समाज के हिसाब से बदलती जा रही है. बहुत से लोग हैं, जो अब शादी से कतराते हैं. भारत ही नहीं, चीन हो या जापान हर जगह लड़के-लड़कियां शादी के बंधन में बंधने से डर रहे हैं. शादी का नाम सुनते ही भागते हैं. यही वजह है कि कई सरकारें शादी के लिए सब्सिडी देने लगी हैं. चीन और जापान की सरकार तो सिर पकड़ चुकी है. कारण कि उनके देश में बर्थ रेट कम हो गया है. वहां लोग न शादी करना चाह रहे हैं और न बच्चे पैदा करना.

आज बात जापान की करेंगे. जापान एक विकसित देश है. जापान में बर्थ रेट लगातार घट रहा है. जापान में जन्म दर 125 साल में सबसे कम हो गई है. 2024 में सिर्फ 7,20,988 बच्चे पैदा हुए, जबकि 16,18,684 मौतें हुईं. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर जन्म दर की यही स्थिति रही तो आज से 695 साल बाद 2720 तक जापान में सिर्फ एक बच्चा बचेगा. अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर जापान में ऐसी स्थिति क्यों आ रही है. तो इसकी सबसे बड़ी वजह है कि वहां लोग शादी नहीं करना चाह रहे हैं. अगर कर भी रहे हैं तो महंगाई और बेरोजगारी की वजह से बच्चे पैदा नहीं करना चाह रहे हैं.

जापान में नया चलन
जापान में कम होती शादियां ही सबसे बड़ी वजह है. जापान में हर 100 बच्चों में से कुछ ही बच्चे ऐसे होते हैं जो शादी के बंधन के बाहर पैदा होते हैं. यानी ये बच्चे पारंपरिक तरीके से शादी-शुदा मां-बाप से पैदा नहीं होते हैं. इसके लिए एक नया चलन चला है. जिसे लोग फ्रेंडशिप मैरिज कहते हैं. जी हां, एक कामयाब शादी का राज क्या है? इसका जवाब होगा प्यार. लेकिन क्या ये सही है? अगर आप जवान जापानियों से पूछेंगे तो शायद नहीं. जापानियों की मानें तो प्यार या सेक्स यानी शारीरिक संबंध अब जरूरी नहीं रहे. बहुत से जापानी नौजवान अब ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ को चुन रहे हैं, जिसमें प्यार या शारीरिक संबंध नहीं होते.

जापान में फ्रेंडशिप मैरिज की भरमार
जापान के लड़के-लड़कियां अब परंपरागत शादी से दूर भाग रहे हैं. इसीलिए इस नए ट्रेंड को लोग अपना रहे हैं. ‘कलर्स’ नाम की एजेंसी के मुताबिक़, जापान में लगभग 12,40,000 लोग ऐसे हैं जो ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ में दिलचस्पी रखते हैं. ‘कलर्स’ ऐसी पहली और अकेली एजेंसी है जो ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ करवाती है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2015 में अपनी शुरुआत के बाद से इस एजेंसी ने लगभग 500 लोगों की ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ करवाई है. इनमें से कुछ लोग तो माता-पिता भी बन गए हैं.

क्या है यह फ्रेंडशिप मैरिज, लव मैरिज से कितना अलग
अब सवाल है कि क्या ये आपके सबसे अच्छे दोस्त से शादी करने जैसा है? तो इसका जवाब है बिल्कुल नहीं. साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़, फ्रेंडशिप मैरिज कोई परंपरागत प्रेम विवाह यानी लव मैरिज नहीं है और न ही अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी करने जैसा है. ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ एक ऐसा रिश्ता है जिसमें एक लड़का और एक लड़की एक ही घर में रहते हैं और उनके शौक, सिद्धांत और विचार एक जैसे होते हैं. इस तरह के रिश्ते में पति-पत्नी होना एक रस्म की तरह होता है क्योंकि उन्हें एक-दूसरे से प्यार नहीं होता और न ही उनके बीच शारीरिक संबंध होते हैं. कुल मिलाकर ये दोनों एक-दूसरे संग सेक्स करने या प्यार करने के लिए बाध्य नहीं हैं. दोनों की मर्जी हो तो वे फ्रेंडशिप मैरिज यानी इस तरह की शादी के बाहर भी किसी और के साथ रोमांटिक रिश्ते में रह सकते हैं. मतलब कपल कहीं और भी किसी के साथ फिजिकल हो सकते हैं.

कौन कर रहा ऐसी शादी
फ्रेंडशिप मैरिज के बाद कपल साथ में रहने या अलग रहने का फैसला ले सकता है. अगर उन्हें बच्चा चाहिए तो वे ‘इन्सेमिनेशन’ जैसे दूसरे तरीके अपनाते हैं. अब सवाल है कि आखिर ये कैसे काम करता है? शादी करने से पहले कपल एक साथ अपनी जिंदगी कैसे बिताएंगे, इस बारे में घंटों या फिर कई दिनों तक बात करते हैं. वे खाने-पीने से लेकर घर के कामों तक, यहां तक कि फ्रिज में जगह कैसे बांटेंगे, हर चीज पर बात करते हैं. जापान में फ्रेंडशिप मैरिज एक रूममेट ढूंढने जैसा है, जिससे एक का शौक दूसरे से मिलता हो. फ्रेंडशिप मैरिज करने वाले लोगों की उम्र करीब 32 साल है. कहने को यह कि जो लोग पारंपरिक विवाह को नहीं मानते ऐसे ही लोग फ्रेंडशिप मैरिज करते हैं.

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