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कैमरून की नायोस झील: 1986 की त्रासदी और आज का खौफ.
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कैमरून की लेक नायोस झील अपने बहुत ही अजीब से हादसे के लिए जानी जाती है. इस हादसे में झील के पास जमा हुई गैस विस्फोट के दो दिन के अंदर ही करीब 25 किलोमीटर के दायरे में 1700 लोगों की मौत हो गई थी. वैज्ञानिकों ने …और पढ़ें

40 साल बाद भी आज तक लोग इस झील के पास जाने से डरते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)
हाइलाइट्स
- लेक नायोस हादसे में 1700 लोगों की मौत हुई
- झील में CO2 गैस विस्फोट से हादसा हुआ
- वैज्ञानिकों ने झील में गैसपाइप लगाए
दुनिया में कुछ कुदरती जगह ऐसी हैं जो हैं तो खूबसूरत, लेकिन ऐसे हादसे की गवाह हैं, जिन्हें याद कर आज भी लोग सिहर जाते हैं. इनमें से पश्चिम अफ्रीकी देश कैमरून की लेक नायोस नाम की झील भी कुछ ऐसी है. यहां करीब 40 साल पहले ऐसा कुछ हुआ था जिसमें क दोन हीं बल्कि करीब 1700 लोगों की एक साथ मौत हो गई थी. इस हैरान करने वाली घटना की जांच के बाद ऐसा ना हो इसके उपाय तो किए गए. लेकिन नायोस झील आज भी लोगों में वही खौफ पैदा कर देती है जैसा कि उस हादसे के बाद हुआ था.
क्या हुआ था
बात 21 अगस्त 1986 की है झील के पास काम कर रहे किसानों औरद मजदूरों को अचानक ही कंपन की आवाज सुनाई दी थी. तबी अचनाक ही झील से सैंकड़ों फुट ऊंचाई तक झाग निकला और उसके ऊपर सफेद बादल छा गया. जब ये लोग माजरा समझने के लिए झील के पास पहुंचे तो वे बेहोश हो कर गिर गए. ट
बादल बना कयामत
इतना ही नहीं बादल नीचे आकर बैठ गया और घाटी के रिहायशी इलाके में फैल गया. इसका असर वहां के लोगों पर भी पड़ा. बादल का असर झील के पास के 25 किलोमीटर के इलाके तक हुआ और दो दिन बात यहां आने वाले लोगों ने हर तरफ इंसानों और मवेशियों की लाशों का ढेर देखा. तब तक अधिकांश बादल छंट चुका था. कुछ बेहोश लोगों को जरूर होश आया, लेकिन उन्हें अपने नजदीकियों और मवेशियों की लाशों का खौफनाक मंजर देखना पड़ा.
झील में सुरक्षा के इंतजाम भी लोगो का डर दूर नहीं कर पाए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)
क्या थी वजह
झील भी बदल गई थी. पानी कम हो गया था. उसमें पौधे और पत्तियां तैर रहे थे. आसपास का मंजर बहुत ही खौफनाक तरीके से शांत हो गया था. वैज्ञानिकों ने पड़ताल में पाया कि बादलों में भारी मात्रा में कार्बनडाइऑक्साइड गैस थी. जिसे लोगों को हवा में सांस लेना नामुमिकन हो गया था और वे बेहोश होकर मरने लगे थे. बाद में इस गैस की मात्रा कम होने पर ही बेहोश लोग होश में आ सके.
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आखिर इतनी सारी CO2 गैस आई कहां से. वैज्ञानिक मानते हैं कि यह गैस झील में ही बन कर जमा हो रही थी जिसका अचानक विस्फोट हो गया था. लेकिन फिर भी मामले की कई पहलुओं के लिहाजसे जांच हुई और इसमें देश के अन्य झीलें भी आईं. वैज्ञानिकों ने पाया कि झीलों में गैसपाइप लगाने से इस हादसे से बचा जा सकता है. नायोस झील में लगे ये पाइप आज लोगों के मन में राहत कम खौफ ज्यादा पैदा करते हैं.
March 11, 2025, 09:51 IST
खतरनाक झील, जहां पलक झपकते ही मारे गए 1700 लोग, आज भी जाने से कांपते हैं लोग!