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अमेरिका ने बना लिया ऐसा फाइटर जेट, चीन के माथे पर आ जाएगा पसीना, हवाई जंग में ड्रैगन दूर तक फटक तक नहीं सकता
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US China War: अमेरिका ने YFQ-42A और YFQ-44A फाइटर ड्रोन पेश किए, जो चीन के लिए चुनौती हैं. ये ड्रोन जनरल एटॉमिक्स और एंडुरिल इंडस्ट्रीज ने विकसित किए हैं. इस फाइटर जेट के जरिए हवाई जंग में चीन के खिलाफ अमेरिका …और पढ़ें

अमेरिकी एयर फोर्स ने दोनों फाइटर जेट की ताकत को दुनिया के सामने रखा है.
हाइलाइट्स
- अमेरिका ने YFQ-42A और YFQ-44A फाइटर ड्रोन पेश किए.
- ये ड्रोन जनरल एटॉमिक्स और एंडुरिल इंडस्ट्रीज ने विकसित किए हैं.
- ये ड्रोन चीन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं.
वॉशिंगटन. यह बात किसी से छुपी नहीं है कि चीन और अमेरिका में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ हमेशा लगी रहती है. ये दौड़ उस वक्त और बढ़ जाती है जब मामला डिफेंस का हो. हथियारों और ड्रोन की जंग में अब दोनों ही देश काफी आगे निकल गए हैं. लेकिन अमेरिका ने ड्रोन वॉर में फतह पाने के लिए एक नई तरकीब लगाई है. उसने फाइटर ड्रोन तैयार कर लिया है और अगर ऐसा है, तो यह चीन के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द हो सकता है.
YFQ-42A और YFQ-44A बिना पायलट के लड़ाकू विमान प्रोटोटाइप अमेरिकी हवाई युद्ध रणनीति में एक बड़ा बदलाव लाते हैं, लेकिन लागत में इजाफा, उत्पादन में देरी और औद्योगिक बाधाएं… अमेरिका की चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति का मुकाबला करने के लिए सस्ती मास उत्पादन की कोशिशों को रोक सकती हैं. इस महीने, एयर एंड स्पेस फोर्सेस मैगजीन ने रिपोर्ट किया कि अमेरिकी वायु सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेविड ऑल्विन ने कोलोराडो के ऑरोरा में AFA Warfare Symposium में सेना के इन नए लड़ाकू ड्रोन को दुनिया के सामने रखा.
अमेरिकी रक्षा ठेकेदार जनरल एटॉमिक्स और एंडुरिल इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किए गए ये कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (सीसीए) वायु सेना के नेक्स्ट-जेनरेशन एयर डोमिनेंस (एनएजीडी) पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं, जो हवाई युद्ध में मानव-रहित टीमिंग की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव को दिखाती हैं. YFQ-42A और YFQ-44A, जिन्हें “वफादार विंगमेन” के रूप में डिज़ाइन किया गया है, F-35 जैसे क्रू वाले लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेंगे, जिससे कम लागत और कम समय सीमा में हवाई ताकत को बढ़ावा मिलेगा.
प्रोटोटाइप डिज़ाइन कोड्स का उपयोग करते हुए – “Y” प्रोटोटाइप के लिए, “F” फाइटर के लिए, और “Q” बिना पायलट के विमान के लिए – घोषणा में यह बताया गया है कि अब सेमी-ऑटोनॉमस एयरक्राफ्ट को चुनौतीपूर्ण वातावरण में शामिल करने की रणनीति अपनाई जा रही है. एशिया टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, एंडुरिल ने इस विकास को हवाई जंग में एक परिवर्तनकारी कदम बताया, जिसमें किफायती, बड़े पैमाने पर उत्पादन और उन्नत क्षमताओं पर जोर दिया गया. जनरल एटॉमिक्स ने भी इसका समर्थन किया, यह बताते हुए कि YFQ-42A मौजूदा और भविष्य के विमानों के साथ मिशन क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
March 09, 2025, 05:31 IST
अमेरिका ने बना लिया ऐसा फाइटर जेट, हवाई जंग में चीन के माथे पर आ जाएगा पसीना