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Trump Zelensky News: डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस.
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Trump Zelensky News: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. ट्रंप ने जेलेंस्की पर तीसरे विश्व युद्ध की गैंबलिंग का आरोप लगाया. ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तल…और पढ़ें
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तल्खी पुरानी है, 2019 में हुई थी शुरुआत, आखिर वजह क्या?
हाइलाइट्स
- ट्रंप और जेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई.
- ट्रंप ने जेलेंस्की पर तीसरे विश्व युद्ध की गैंबलिंग का आरोप लगाया.
- शांति समझौता खतरे में, अमेरिका-यूक्रेन संबंध तल्ख.
Trump Zelensky News: दो देशों के राष्ट्रपति के बीच ओवल ऑफिस में झगड़ा हुआ. इस तू तू-मैं मैं को पूरी दुनिया ने देखा. अमेरिका के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ. मेजबान ने मेहमान की खूब बेइज्जती की. खाना तक नहीं खिलाया. ऊपर से जेलेंस्की को ट्रंप ने खूब फटकार लगाई. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच शुक्रवार को जो हुआ, उसे दुनिया ने देखा. इस नोकझोंक के बाद से शांति समझौता खटाई में पड़ गया है. अमेरिका और यूक्रेन के संबंध तल्ख हो चुके हैं. दोनों की दोस्ती में दरार आ गई है. हालांकि, पूरी दुनिया ने ओवल ऑफिस में शुक्रवार देर रात जो देखा, उसकी पटकथा नई नहीं है. दोनों के बीच तल्खी 2019 से ही कायम है. यह पबली बार नहीं है कि दोनों में तल्खी दिखी है. आज से छह साल पहले ही इसकी शुरुआत हुई थी. यह वह साल था, जब डोनाल्ड ट्रंप को अपने पहले महाभियोग का सामना करना पड़ा था. चलिए जानते हैं वह कहानी.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई. इस दौरान ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेलेंस्की के बीच तीखी बहस हुई. वेंस ने जेलेंस्की पर अमेरिका का अपमान करने का आरोप लगाया. तो ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को कई बार टोका और फटकार लगाई. ट्रंप ने जेलेंस्की पर तीसरे विश्व युद्ध की गैंबलिंग का आरोप भी लगाया. इसके बाद नाराज जेलेंस्की तेज कदमों से बाहर निकलते दिखे. ये तो हुई हाल की बात. अब पुरानी बात जानते हैं. दोनों के रिश्ते जुलाई 2019 में ही बिगड़ गए थे. दरअसल, बात कुछ यूं है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की को एक फोन कॉल किया था.
कहानी उस एक फोन कॉल की
डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की से पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके बेटे हंटर के खिलाफ संभावित भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए कहा था. तब बाइडन 2020 के चुनाव में ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी के सबसे दमदार उम्मीदवार थे. ट्रंप ने कॉल से पहले के दिनों में यूक्रेन को दी जाने वाली लगभग 400 मिलियन डॉलर की सहायता रोक दी थी. हालांकि बाद में उन्होंने इसे जारी भी कर दिया था.ट्रंप के आरोप हंटर बाइडेन पर केंद्रित थे. उनके मुताबिक, चूंकि हंटर को ऊर्जा क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं था, फिर भी यूक्रेनी गैस कंपनी बरिस्मा के निदेशक बना दिए गए. उस समय जो बाइडेन उप-राष्ट्रपति के तौर पर यूक्रेन से डील कर रहे थे.
ट्रंप पर महाभियोग
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि बाइडन ने बरिस्मा की जांच कर रहे एक अभियोजक को निकाल दिया था. एक व्हिसलब्लोअर के दावों के बाद डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर अमेरिकी चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप को प्रेरित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और इसे पद के दुरुपयोग का मामला बताया. ट्रंप एक कठोर महाभियोग परीक्षण से गुजरे, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ अभियोग लगाया गया, लेकिन बाद में सीनेट परीक्षण में उन्हें अंततः बरी कर दिया गया. इसके बाद 2020 में ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव हार गए.
जेलेंस्की ने नहीं दिया साथ
ट्रंप के फोन कॉल के बाद जेलेंस्की मुश्किल में पड़ गए. वह ट्रंप और बाइडन के बीच के विवाद में फंसने से बचने की पूरी कोशिश कर रहे थे. ट्रंप इस बात से नाराज थे कि जेलेंस्की ने उन आरोपों का दृढ़ता से खंडन नहीं किया कि उन पर दबाव डाला गया था या कोई लेन-देन हुआ था. बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद जेलेंस्की ने उनके साथ घनिष्ठ संबंध बनाए. बाइडन ने यूक्रेन को सहायता और मजबूत अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक समर्थन दिया. बाइडन ने रूस को बाहर कर दिया और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया, जिससे उस पर आर्थिक प्रतिबंध लग गए.
ट्रंप की नजरों पर थे जेलेंस्की
रिपब्लिकन ने जेलेंस्की पर पिछले साल के चुनाव के दौरान बाइडन के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया. पेंसिल्वेनिया के बेहद विवादित स्विंग राज्य में (बाइडन के गृहनगर स्क्रैंटन) एक गोला-बारूद कारखाने का अत्यधिक प्रचारित दौरा चर्चा में रहा. ट्रंप और जेलेंस्की के बीच अविश्वास और गहरा गया. यूक्रेन को सहायता और रूस के विरोध पर दोनों दलों की सहमति थी, लेकिन ट्रंप ने अमेरिका के समर्थन के बावजूद कीव की क्षमता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया, जिससे राजनीतिक क्षेत्र में दरार पैदा हो गई और रिपब्लिकन उनके पीछे पड़ गए या खामोशी इख्तियार कर ली.
पुतिन से करीबी जेलेंस्की को खटकी
यह तब और भी बदतर हो गया जब ट्रंप ने युद्ध का समाधान खोजने के लिए सीधे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संपर्क किया. इस बीच, पिछले महीने उनका गुस्सा तब खुलकर सामने आया जब जेलेंस्की ने ट्रंप पर “गलत सूचनाओं की दुनिया में रहने” का आरोप लगाया। ये ट्रंप के जेलेंस्की द्वारा रूस संग युद्ध शुरू करने की टिप्पणी और ‘तानाशाह’ (जेलेंस्की को) कहने के बाद दिया गया बयान था. बदले हुए परिदृश्य के संकेत के रूप में अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस के साथ मिलकर यूक्रेन द्वारा मास्को के आक्रमण की निंदा करने वाले प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया. यूक्रेन को छोड़कर युद्ध को समाप्त करने का तरीका खोजने के लिए पिछले सप्ताह रियाद में अमेरिका और रूस के वरिष्ठ राजनयिकों की बैठक हुई.
जेलेंस्की ने खुलकर किया विरोध
जब ऐसा लगा कि रूस और अमेरिका युद्ध को समाप्त करने और यूक्रेन के भविष्य को लेकर कोई समझौता करने जा रहे हैं, तो जेलेंस्की ने इसका विरोध किया और कहा कि उनका देश कभी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जिसका वह हिस्सा नहीं है. इससे ट्रंप भड़क गए, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर जैसे यूरोपीय नेताओं ने एक पुल के रूप में काम करने की कोशिश की, लेकिन वो ज्यादा सफल नहीं हो पाए. उनके और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टकराव के केंद्र में विश्वास है. जेलेंस्की को पुतिन पर भरोसा नहीं है. उन्हें डर है कि वे किसी भी शांति समझौते से पीछे हट जाएंगे. अपने कई पश्चिमी सहयोगियों के बीच पुतिन के प्रति अविश्वास के बावजूद ट्रंप ने कहा कि उन्हें पुतिन पर भरोसा है.
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March 01, 2025, 10:25 IST
ट्रंप-जेलेंस्की के बीच तल्खी नई नहीं, 6 साल पुरानी है पटकथा, कहानी उस 1 कॉल की
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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत
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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक
हाइलाइट्स
- पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
- मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
- दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.
दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.
समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.
हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.
मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.
मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.
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February 12, 2025, 15:17 IST
मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए
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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।
अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।
तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…
अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…
भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।
भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।
तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा
भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।
तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’
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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks
Last Updated:
Australia News: ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्या करने का दावा कर रही है.
ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)
हाइलाइट्स
- ऑस्ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा किया है
- नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
- इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार
मेलबर्न (ऑस्ट्रलिया). ऑस्ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्यू साउथ वेल्स स्टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्यू साउथ वेल्स के हेल्थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.
ऑस्ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्यादा समय से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.
आरोपी नर्स सस्पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया. हेल्थ मिनिस्टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्पणी करते हुए उन्हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.
पुलिस स्ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्पीच कानून का उल्लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.
New Delhi,Delhi
February 13, 2025, 16:03 IST
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