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Trump VS Zelensky News: Oval Office में Trump और Zelensky के बीच तीखी बहस World War 3 तक पहुंची बात Russia Ukraine War
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Trump VS Zelensky: ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच तीखी बहस हुई. जेलेंस्की ने रूस के हमले और अमेरिका की नीति पर सवाल उठाए, जबकि ट्रंप ने यूक्रेन क…और पढ़ें
जेलेंस्की और ट्रंप के बीच हुई बहस. (Reuters)
हाइलाइट्स
- ट्रंप और जेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई
- प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिरी 8 मिनट में नोकझोंक बढ़ी
- दोनों नेताओं के बीच कोई डील या जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई
अमेरिका के इतिहास में यह पहली बार है जब मीडिया के सामने ओवल ऑफिस में दो देशों के नेता लड़ पड़े. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की में तीखी नोकझोंक देखने को मिली. ट्रंप की ओर से लगातार डील की बात कही जाती रही. वहीं जेलेंस्की अपने सबसे बड़े दुश्मन रूस पर हमला करते दिखे. ओवल ऑफिस में 46 मिनट लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस चली. लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिरी 8 मिनट इतने ज्यादा नोकझोंक वाले रहे कि ट्रंप ने अंत में कह दिया कि यह टीवी पर बहुत बढ़िया से चलेगा. आइए 10 पॉइंट में समझें कि इन आखिरी 8 मिनट में ऐसा क्या हुआ कि बात तीसरे विश्वयुद्ध तक पहुंच गई. बवाल के बाद न दोनों नेताओं के बीच जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और न ही कोईडील हुई.
- ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल पर कहा कि मुझे पुतिन और जेलेंस्की दोनों को साथ लेकर चलना होगा. मैं पहले पुतिन की बुराई करूं और फिर उनसे डील की उम्मीद करूं. ये संभव नहीं है. जेलेंस्की की नजर में पुतिन के खिलाफ नफरत है, मैं इसे समझ सकता हूं, लेकिन इस हिसाब से तो कभी डील हो ही नहीं सकती. मैं किसी भी इंसान के खिलाफ बेहद सख्त हो सकता हूं, लेकिन आप मानकर चलिए कि हम फिर डील नहीं कर पाएंगे.
- इस सवाल के जवाब में अचानक से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कूद पड़े, जिसके बाद नोकझोंक शुरू हो गई. जेडी वेंस ने कहा, ‘4 साल तक हमारे पास एक ऐसा राष्ट्रपति था, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़ा होता और पुतिन को लेकर सख्त बयान देता. इसके बाद पुतिन ने यूक्रेन पर हमला करके एक बड़े इलाके को तबाह कर दिया. शांति का रास्ता डिप्लोमेसी से होकर गुजरता है. राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीतिक पहल कर रहे हैं.’
- जेडी वेंस के बयानों के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा- क्या मैं आपसे पूछ सकता हैं? जिसके जवाब में वेंस ने कहा, ‘बिल्कुल’. जेलेंस्की ने कहा, ‘रूस ने हमारे बड़े हिस्से को कब्जा लिया. 2014 में उसने क्रीमिया को कब्जा लिया. मैं सिर्फ बाइडन के समय की बात नहीं कर रहा. उस समय से अब तक ओबामा, ट्रंप, बाइडन और अब फिर ट्रंप राष्ट्रपति हैं. 2014 से 2022 तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया और यूक्रेन के लोग मर रहे हैं.’
- जेलेंस्की ने ट्रंप को 2019 में रूस और यूक्रेन के बीच डील की याद दिलाई. जेलेंस्की ने कहा, ‘हमने पुतिन से बहुत बातें की हैं. मैंने खुद बात की है. हमने सीजफायर डील की. मैक्रों भी उसमें थे. उन्होंने विश्वास दिलाया था कि रूस फिर हमला नहीं करेगा. लेकिन उसने सीजफायर डील तोड़ी. पुतिन ने हमारे लोगों को मारा और उन्होंने कैदियों की अदला-बदली भी नहीं की. आप (जेडी वेंस) किस तरह की डिप्लोमेसी की बात कर रहे हैं?’
- जेलेंस्की की ओर से इस तरह से सवाल पूछे जाने पर जेडी वेंस भड़क गए. उन्होंने जबाव में कहा, ‘मैं उस डिप्लोमेसी की बात कर रहा हूं जो आपके देश के विनाश को खत्म करने जा रही है.’ इस दौरान जेडी वेंस जेलेंस्की की ओर बार-बार उंगली दिखाते रहे.
- जेडी वेंस ने आगे कहा, ‘राष्ट्रपति जी, सम्मान के साथ, मुझे लगता है कि ओवल ऑफिस में आकर अमेरिकी मीडिया के सामने इसपर मुकदमा चलाना बेहद अपमानजनक है. आपको इस संघर्ष को खत्म करने की कोशिश करने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद कहना चाहिए.’ जेडी वेंस ने आगे अपनी आवाज तेज करते हुए कहा, ‘क्या आपको लगता है कि अमेरिका के ओवल ऑफिस में आना और उस प्रशासन पर हमला करना सम्मानजनक है जो आपके देश के विनाश को रोकने की कोशिश कर रहा है?’
- ट्रंप ने आगे जेलेंस्की से कहा, ‘आप यह तय करने की स्थिति में नहीं हैं कि हम क्या महसूस करेंगे. आपके पास अभी कोई रास्ता नहीं है. आप लाखों लोगों की जान के साथ जुआ खेल रहे हैं. आप तीसरे विश्वयुद्ध के साथ जुआ खेल रहे हैं.’ इस दौरान भी ट्रंप और जेलेंस्की में बहस होती रही. इस दौरान जेडी वेंस ने पूछा कि क्या आपने एक भी बार धन्यवाद कहा? इसपर जेलेंस्की बोले कि कई बार मैंने कहा हैं. वेंस ने फिर पूछा कि क्या आपने इस बैठक में एक बार भी धन्यवाद कहा?
- जेलेंस्की ने आगे कहा, ‘आप ऊंची आवाज में बोल रहे हैं.’ इस पर ट्रंप ने तुरंत तमतमाते हुए कहा, ‘ये ऊंची आवाज में नहीं बोल रहे हैं. आपका देश बड़ी मुश्किल में हैं.’ जेलेंस्की ने पूछा कि क्या मैं बोलूं इस पर ट्रंप ने कहा- नहीं आपको बोलने की इजाजत नहीं है. आप इस युद्ध को नहीं जीतने वाले हैं. जेलेंस्की ने जवाब में कहा, ‘हम पहले दिन से ही मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं.’
- ट्रंप ने जेलेंस्की के कंधे पर हाथ से धकेलते हुए तेज आवाज में कहा, ‘राष्ट्रपति, हमने आपको 350 बिलियन डॉलर दिए हैं. अगर आपके पास हमारे हथियार नहीं होते, तो यह युद्ध एक हफ्ते भी न चलता.’ जेलेंस्की ने कहा कि मैं ये पहले पुतिन से भी सुन चुका हूं कि युद्ध तीन दिन में खत्म हो जाता. जवाब में ट्रंप ने कहा कि शायद उससे भी कम समय में. आगे ट्रंप ने कहा कि इस तरह से बातचीत बहुत मुश्किल हो जाती है.
- ट्रंप ने आगे कहा, ‘यह बहुत अच्छा है कि अमेरिकी लोग इस पूरी घटना को देख रहे हैं. आपको (जेलेंस्की) हमें धन्यवाद देना चाहिए. अगर आप सीजफायर पर तैयार होते हैं तो मैं आपको गारंटी देता हूं कि एक भी गोली नहीं चलेगी और आपके लोग तुरंत मरना बंद हो जाएंगे. अगर आप हमारे साथ रहेंगे तो आपके पास बातचीत की स्थिति रहेगी.’
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March 01, 2025, 07:46 IST
आखिर क्यों सबके सामने लड़ बैठे ट्रंप-जेलेंस्की? 10 प्वाइंट में समझें
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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत
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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक
हाइलाइट्स
- पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
- मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
- दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.
दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.
समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.
हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.
मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.
मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.
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February 12, 2025, 15:17 IST
मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए
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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।
अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।
तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…
अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…
भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।
भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।
तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा
भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।
तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’
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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks
Last Updated:
Australia News: ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्या करने का दावा कर रही है.
ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)
हाइलाइट्स
- ऑस्ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा किया है
- नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
- इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार
मेलबर्न (ऑस्ट्रलिया). ऑस्ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्यू साउथ वेल्स स्टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्यू साउथ वेल्स के हेल्थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.
ऑस्ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्यादा समय से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.
आरोपी नर्स सस्पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया. हेल्थ मिनिस्टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्पणी करते हुए उन्हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.
पुलिस स्ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्पीच कानून का उल्लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.
New Delhi,Delhi
February 13, 2025, 16:03 IST
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