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Germany Airport Strike Situation Photos Update; Berlin Hamburg | Frankfurt | जर्मनी में कर्मचारी हड़ताल, 13 एयरपोर्ट पर 3400 उड़ानें रद्द: 5 लाख यात्री प्रभावित; सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे 25 लाख वर्कर्स

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बर्लिन5 दिन पहले

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देश के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स कैंसिल होने के चलते पैसेंजर्स की भीड़ लग गई है। - Dainik Bhaskar

देश के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स कैंसिल होने के चलते पैसेंजर्स की भीड़ लग गई है।

जर्मनी के सभी एयरपोर्ट्स के कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल बुलाई है। इसकी वजह से सोमवार (भारतीय समयानुसार) को पूरे देश की हवाई यात्रा ठप हो गई है।

हड़ताल से पूरे देश में 13 प्रमुख एयरपोर्ट पर 3400 उड़ानें रद्द की गईं , जिनमें फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स भी शामिल हैं। इसके चलते 5 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं।

देश की 25 लाख सरकारी कर्मचारियों वाली वेरडी यूनियन ने सैलरी बढ़ाने की मांग लेकर इस हड़ताल का ऐलान किया था। जर्मनी के समय के मुताबिक ये हड़ताल सोमवार से शुरू होनी थी, लेकिन इसे तय समय से एक दिन पहले रविवार को ही शुरू कर दिया गया।

इस हड़ताल में पब्लिक डिपार्टमेंट के वर्कर्स, ग्राउंड स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड्स शामिल हैं। इसकी वजह से ज्यादातर जर्मन एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही रुक गई।

6 तस्वीरों में देखिए जर्मनी के एयरपोर्ट्स के हालात…

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट के टिकट काउंटर के सामने खड़े लोग। यहां 40 हजार यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है।

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट के टिकट काउंटर के सामने खड़े लोग। यहां 40 हजार यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में राइन-मेन एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। फ्रैंकफर्ट जर्मनी के सबसे बिजी एयरपोर्ट्स में से एक है।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में राइन-मेन एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। फ्रैंकफर्ट जर्मनी के सबसे बिजी एयरपोर्ट्स में से एक है।

जर्मनी के डसेलडोर्फ एयरपोर्ट पर उड़ानें कैंसिल होने की वजह से यात्री टेकऑफ टर्मिनल पर सो गए।

जर्मनी के डसेलडोर्फ एयरपोर्ट पर उड़ानें कैंसिल होने की वजह से यात्री टेकऑफ टर्मिनल पर सो गए।

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट के काउंटर के सामने खड़े पैसेंजर्स। यहां 40 हजार पैसेंजर्स को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट के काउंटर के सामने खड़े पैसेंजर्स। यहां 40 हजार पैसेंजर्स को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट पर रविवार को 280 में से सिर्फ 10 उड़ान ही तय समय पर चलीं। कई सर्विस डेस्क खाली पड़े थे।

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट पर रविवार को 280 में से सिर्फ 10 उड़ान ही तय समय पर चलीं। कई सर्विस डेस्क खाली पड़े थे।

यूरोप के सबसे बिजी एयरपोर्ट्स में से एक फ्रैंकफर्ट पर लगभग पूरी तरह तालाबंदी हो गई और 1,116 में से 1,054 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

यूरोप के सबसे बिजी एयरपोर्ट्स में से एक फ्रैंकफर्ट पर लगभग पूरी तरह तालाबंदी हो गई और 1,116 में से 1,054 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

देश की राजधानी बर्लिन के एयरपोर्ट ने सभी रेगुलर टेकऑफ और लैंडिंग कैंसिल कर दी हैं।

देश की राजधानी बर्लिन के एयरपोर्ट ने सभी रेगुलर टेकऑफ और लैंडिंग कैंसिल कर दी हैं।

वर्कर्स यूनियन की मांग- सैलरी में 8% इजाफा किया जाए

वर्कर्स यूनियन एयरपोर्ट के कर्मचारियों के लिए 8% सैलरी वृद्धि या फिर सैलरी में कम से कम 34 हजार रुपए (350 यूरो) प्रति माह बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से वर्कर्स यूनियन कर्मचारियों के लिए एक नए समझौते पर बात कर रहा था।

इस समझौते के तहत मांग की जा रही थी कि कॉर्पोरेट वर्कर्स की हेल्थ और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए, ज्यादा छुट्टियां दी जाएं, सालाना बोनस में 50% की वृद्धि की जाए और कर्मचारियों के रेगुलर और अनिवार्य मेडिकल टेस्ट के लिए डॉक्टर चुनने की स्वतंत्रता दी जाए।

छुट्टियों की वजह से पैसेंजर्स को ज्यादा दिक्कत

हैम्बर्ग एयरपोर्ट की प्रवक्ता कैटजा ब्रोम ने कहा- ट्रेड यूनियन का व्यवहार बेईमानी भरा है। सोमवार को एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 143 फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया गया है। बिना किसी सूचना के यह हड़ताल शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि इस समय देश में छुट्टियों का मौसम चल रहा है, जिस वजह से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है अब सोमवार शाम से ही एयरपोर्ट पर नॉर्मल ऑपरेशन शुरू होगा।

ब्रोम ने कहा कि रविवार का विरोध प्रदर्शन उन हजारों पैसेंजर्स को परेशान करने वाला है जिनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

वहीं, वेरडी यूनियन के प्रवक्ता ने कहा कि हम ये मानते हैं इस हड़ताल से काफी लोग प्रभावित होंगे, लेकिन सरकार से बेहतर ऑफर पाने के लिए हमें ये परेशानी खड़ी करनी पड़ी।

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हड़ताल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

पेरिस की सड़कों पर 5600 टन कचरा जमा:सफाई कर्मचारी रिटायरमेंट एज बढ़ाने के खिलाफ हड़ताल पर, एक हफ्ते से कूड़ा नहीं उठाया

फ्रांस में 2023 में सफाईकर्मी हड़ताल पर गए थे। इसकी वजह से पेरिस समेत कई शहरों में जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया था। ‘फ्रांस 24’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी पेरिस की सड़कों पर एक हफ्ते में करीब 5,600 टन कचरा जमा हो गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत

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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.

मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए

फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक

हाइलाइट्स

  • पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
  • मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
  • दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.

नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.

दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.

समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.

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हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.

मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.

मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.

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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र

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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। - Dainik Bhaskar

तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।

अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।

तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…

अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…

भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।

भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।

भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।

तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा

भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।

तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’

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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks

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Australia News: ऑस्‍ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्‍या करने का दावा कर रही है.

'मैंने कई इजरायलियों को मार दिया', नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया में खलबली

ऑस्‍ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्‍या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्‍ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)

हाइलाइट्स

  • ऑस्‍ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्‍या करने का दावा किया है
  • नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
  • इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार

मेलबर्न (ऑस्‍ट्रलिया). ऑस्‍ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्‍य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्‍न संस्‍कृतियों का संगम स्‍थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्‍ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्‍यू साउथ वेल्‍स स्‍टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्‍पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्‍या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्‍यू साउथ वेल्‍स के हेल्‍थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.

ऑस्‍ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्‍पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्‍यादा समय से ऑस्‍ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्‍थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.

आरोपी नर्स सस्‍पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्‍पेंड कर दिया गया. हेल्‍थ मिनिस्‍टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्‍टेट हेल्‍थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्‍पणी करते हुए उन्‍हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.

पुलिस स्‍ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्‍टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्‍ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्‍पीच कानून का उल्‍लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.

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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया में खलबली

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