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Donald Trump Narendra Modi; Lex Fridman Podcast | India US | ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर मोदी का पॉडकास्ट शेयर किया: मोदी ने इंटरव्यू में कहा था- ट्रम्प ने मेरे लिए प्रोटोकॉल तोड़े, हमारे बीच अटूट भरोसा
वॉशिंगटन5 मिनट पहले
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जनवरी में ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद फरवरी में पीएम मोदी अमेरिका यात्रा पर गए थे। ये तस्वीर इस दौरे पर दोनों नेताओं की मुलाकात की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर भारत के पीएम मोदी का पॉडकास्ट इंटरव्यू शेयर किया है। इसके साथ ट्रम्प ने कोई कैप्शन नहीं दिया। ये इंटरव्यू अमेरिकन यूट्यूबर लेक्स फ्रिडमैन ने लिया था। इसे रविवार को लाइव किया गया।
इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने ट्रम्प की तारीफ की थी। उनसे पूछा गया आपने हाल ही में अमेरिका का दौरा किया और ट्रम्प के साथ अपनी दोस्ती को एक बार फिर मजबूत किया। एक दोस्त और एक नेता को तौर पर आपको डोनाल्ड ट्रम्प की क्या बात अच्छी लगती है?
इस पर मोदी ने कहा,
ट्रम्प और मेरे बीच विश्वास का अटूट रिश्ता है। हम आमने सामने भले ही न मिलें पर हमारा डायरेक्ट और इनडायरेक्ट कनेक्शन होता रहता है।


मोदी ने कहा- ट्रम्प के पास हिम्मत है, वो अपने फैसले खुद लेते हैं
पीएम मोदी ने इंटरव्यू में 2019 के हाउडी मोदी इवेंट का जिक्र करते हुए ट्रम्प के साथ उनके रिश्तों के बारे में बताया। मोदी ने कहा- ह्यूस्टन में एक प्रोग्राम था हाउडी मोदी। मैं और ट्रम्प दोनों वहां थे। भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में वहां पर मौजूद थे।
मैं भाषण दे रहा था और ट्रम्प नीचे बैठकर हमें सुन रहे थे। यह उनका बड़प्पन है। अमेरिका का राष्ट्रपति स्टेडियम में भीड़ के बीच नीचे बैठकर सुन रहा है।
मैं भाषण देकर नीचे गया तो ट्रम्प ने कहा कि क्यों न हम दोनों एकसाथ इस स्टेडियम का एक चक्कर लगाएं। अमेरिका में ये बात असंभव सी है कि राष्ट्रपति हजारों की भीड़ में चले। लेकिन ट्रम्प बिना एक पल भी इंतजार किए मेरे साथ चल पड़े। मुझे उस पल ने छू लिया। इस समझ आ गया कि ट्रम्प के पास हिम्मत है और वो अपने फैसले खुद लेते हैं।
दूसरी बात ये कि ट्रम्प को मोदी पर भरोसा है। यह आपसी विश्वास का भाव था, यह बता रहा था कि हम दोनों के बीच मजबूत संबंध है। उस दिन मुझे यह दिखाई दिया। उस दिन मैंने राष्ट्रपति ट्रम्प का जो रूप देखा वह शानदार था।

2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में करीब 80 हजार लोग शामिल हुए थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के हाथ पकड़कर जनता का संबोधन किया था।
मेरे लिए इंडिया फर्स्ट, ट्रम्प के लिए अमेरिका फर्स्ट
पीएम मोदी ने इलेक्शन कैंपेन के दौरान ट्रम्प पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन पर गोली चली तो मुझे हिम्मत वाले वही ट्रम्प नजर आए। वही ट्रम्प जो उस दिन मेरा हाथ पकड़कर स्टेडियम में चले धे। गोली लगने के बाद भी अमेरिका के लिए जीना, उनकी जिंदगी अमेरिका के लिए है, उनका दृढ़ निश्चय है कि अमेरिका फर्स्ट।
मेरे लिए भी देश पहले है, इंडिया फर्स्ट है। इसलिए हम दोनों की जोड़ी जम जाती है। हम इतनी अच्छी तरह से घुलमिल जाते हैं। यही वो चीजें है जो मुझे अपील करती है।

पिछले साल इलेक्शन कैंपेन के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प पर फायरिंग हुई थी। गोली उनके दाएं कान पर लगी थी। इसके बाद ट्रम्प ने मुट्ठी भींचकर हवा में लहराई थी।
ट्रम्प ने मेरे लिए प्रोटोकॉल की सभी दीवारें तोड़ दी
दुनियाभर में राजनेताओं के बारे में इतना कुछ छपता है। हर आदमी एक-दूसरे को मीडिया के जरिए आंकता है। ज्यादातर लोग एकदूसरे से मिलकर एक दूसरे को नहीं जान पाते और न ही पहचान पाते हैं। दरअसल आपसी तनाव का कारण भी यही है कि जब तीसरा पक्ष दखलंदाजी करता है।
जब मैं पहली बार व्हाइट हाउस में उनसे मिलने गया, तब प्रेसिडेंट ट्रम्प के बारे में मीडिया में बहुत कुछ छपता था। तब वे नए-नए आए थे। दुनिया में उनकी अलग ही छवि बनी हुई थी। मुझे भी तरह-तरह की बातें बताई गई थीं। मैं व्हाइट हाउस पहुंचा तो पहले ही मिनट में उन्होंने प्रोटोकॉल की सारी दीवारें तोड़ दीं।

पीएम मोदी का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में उनके लिए प्रोटोकॉल की सभी दीवारें तोड़ दी थीं।
ट्रम्प ने पचासों बार कहा है कि मोदी मेरे दोस्त हैं
पीएम ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प खुद मुझे पूरा व्हाइट हाउस घुमाने ले गए। जब वे मुझे चीजें बता रहे थे तो मैंने देखा कि उनके हाथ में कोई नोट या कागज नहीं था। उनके साथ कोई व्यक्ति नहीं था। वे मुझे बता रहे थे कि अब्राहम लिंकन यहां रहते थे। इस टेबल पर इस राष्ट्रपति ने दस्तखत किए थे। ये कमरा इतना बड़ा क्यों है।
मेरे लिए यह बहुत प्रभावशाली था कि वे इस संस्थान का कितना सम्मान करते हैं। वे अमेरिका के इतिहास के साथ कितने सम्मानपूर्ण और गहराई से उनका जुड़ाव है। मैं यह महसूस कर रहा था और वे मुझसे खुलकर बात कर रहे थे।
यह मेरी उनसे पहली मुलाकात का अनुभव था। मैंने देखा कि पहले कार्यकाल के बाद जब बाइडेन चुनाव जीत गए और यह चार साल का समय बीत गया। इस बीच हम दोनों को जानने वाला कोई भी उनसे मिलता था तो उन्होंने पचासों बार कहा होगा कि मोदी मेरे दोस्त हैं और उन्हें मेरी शुभकामनाएं देना। आमतौर पर ऐसा कम ही होता है।
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पीएम मोदी का पूरा इंटरव्यू देखने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें…
PM मोदी का 3 घंटे का इंटरव्यू:कहा- पाकिस्तान को पीस नहीं, प्रॉक्सी वॉर पर भरोसा; नवाज को शपथ में बुलाया, विश्वासघात हुआ

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को लेक्स फ्रिडमैन के साथ 3 घंटे के इंटरव्यू में कहा कि मेरी ताकत मेरे नाम में नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों और देश की कालातीत संस्कृति और विरासत के समर्थन में निहित है। जब मैं विश्व के नेताओं से हाथ मिलाता हूं, तो ऐसा मोदी नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीय करते हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत
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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक
हाइलाइट्स
- पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
- मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
- दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.
दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.
समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.
हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.
मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.
मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.
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February 12, 2025, 15:17 IST
मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए
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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।
अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।
तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…
अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…
भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।
भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।
तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा
भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।
तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’
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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks
Last Updated:
Australia News: ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्या करने का दावा कर रही है.
ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)
हाइलाइट्स
- ऑस्ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा किया है
- नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
- इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार
मेलबर्न (ऑस्ट्रलिया). ऑस्ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्यू साउथ वेल्स स्टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्यू साउथ वेल्स के हेल्थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.
ऑस्ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्यादा समय से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.
आरोपी नर्स सस्पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया. हेल्थ मिनिस्टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्पणी करते हुए उन्हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.
पुलिस स्ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्पीच कानून का उल्लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.
New Delhi,Delhi
February 13, 2025, 16:03 IST
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