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Cyclone Alfred Latest Update : 130KM की रफ्तार से आई तबाही, लाखों की जिंदगी में छाया अंधेरा, अभी तो मुसीबत की शुरुआत

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Australia Cyclone Alfred Update: अल्फ्रेड कैटेगरी 2 का तूफान बताया, जिसके केंद्र के पास 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और बाहर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं चल रही हैं. इसने क्वींसलैंड में डबल आइलैंड पॉ…और पढ़ें

130KM की रफ्तार से आई तबाही, अंधेरे में लाखों लोग, अभी तो मुसीबत की शुरुआत

ऑस्ट्रेलिया में आए अल्फ्रेड तूफान ने देश में दक्षिणी हिस्से में भारी तबाही मचाई है. (Reuters फोटो)

हाइलाइट्स

  • ऑस्ट्रेलिया में आए अल्फ्रेड तूफान ने देश में कई राज्यों में भारी तबाही मचाई.
  • अल्फ्रेड कैटेगरी 2 का तूफान है, जिसमें 130 Kmph की रफ्तार से हवाएं चली.
  • इन तूफानी हवाओं ने लाखों लोगों की ज़िंदगियों को अंधेरे में धकेल दिया.

ऑस्ट्रेलिया में आए अल्फ्रेड तूफान ने देश में कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है. इस एक्स-ट्रॉपिकल साइक्लोन में 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं ने लाखों लोगों की ज़िंदगियों को अंधेरे में धकेल दिया. ब्रिस्बेन और गोल्ड कोस्ट के आसमान में तो मानो काले बादलों ने जैसे कयामत का ऐलान कर दिया था. यहां बिजली की लाइनें टूटीं, पेड़ उखड़ गए, और घरों में पानी घुस गया.

ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञान ब्यूरो के अनुसार, अल्फ्रेड कैटेगरी 2 का तूफान है, जिसके केंद्र के पास 95 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर हवाएं और 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं चल रही हैं. इसने ‘क्वींसलैंड में डबल आइलैंड पॉइंट से लेकर न्यू साउथ वेल्स में ग्राफ्टन तक, ब्रिस्बेन, गोल्ड कोस्ट, सनशाइन कोस्ट, बायरन बे और बैलिना को प्रभावित किया.’

दो कारणों से बेहद खतरनाक
यह चक्रवात दो कारणों से असामान्य रहा. पहला तो यह दक्षिण की ओर बना, और बेहद धीरे-धीरे आगे बढ़ा. ये दोनों ही कारक इसे और अधिक खतरनाक बनाते हैं, क्योंकि तूफान जितना धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, उतनी ही ज्यादा तबाही फैलाता जाता है.A yacht is washed on the shore in the Broadwater at Labrador after heavy rains and winds caused by Cyclone Alfred, on the Gold Coast, Australia, March 8, 2025. AAP Image/Dave Hunt/via REUTERS ATTENTION EDITORS - THIS IMAGE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY. NO RESALES. NO ARCHIVE. AUSTRALIA OUT. NEW ZEALAND OUT. NO COMMERCIAL OR EDITORIAL SALES IN NEW ZEALAND. NO COMMERCIAL OR EDITORIAL SALES IN AUSTRALIA. TPX IMAGES OF THE DAY

वहीं ऑस्ट्रेलिया आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी इलाकों में ही चक्रवात आते हैं. पिछली बार यहां गोल्ड कोस्ट क्षेत्र में चक्रवात 1974 में आया था. ऑस्ट्रेलिया का दक्षिणी भाग ज्यादा घनी आबादी वाला है, जिसमें ब्रिसबेन देश का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है. ऐसे में इस तूफान ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया.

यहां रविवार रात जब लोग सोने की तैयारी कर रहे थे, तब आसमान से बरसता पानी और तेज हवाएं खतरे का इशारा कर रही थीं. देखते ही देखते क्वींसलैंड के कई हिस्से जलमग्न हो गए. गोल्ड कोस्ट और ब्रिस्बेन के सैकड़ों इलाकों में बिजली गुल हो गई. घरों की खिड़कियां टूटने लगीं, और लोग बेबस होकर अपने परिवार के साथ सुरक्षित जगह तलाशने लगे.

1800 लोग पानी में फंसे, एक की मौत
सिर्फ एक रात में बाढ़ का कहर ऐसा टूटा कि 1800 लोग पूरी तरह से पानी में घिर गए. सड़कें नदियों में बदल गईं, और कई गाड़ियां बाढ़ में बह गईं. अधिकारियों ने तुरंत 20,300 लोगों को अपने घर छोड़ने का आदेश दिया.

वहीं शनिवार को बाढ़ के पानी से 61 वर्षीय एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया, जबकि एक अन्य घटना में बचाव कार्य के लिए जा रहे सैनिकों का काफिला दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद 12 सैनिकों को अस्पताल ले जाया गया.

न्यू साउथ वेल्स (NSW) में हालात और भी भयानक थे. शुक्रवार को डोरिगो के पास एक 61 वर्षीय व्यक्ति की कार बाढ़ के पानी में बह गई, और उसकी मौत हो गई. लिस्मोर में एक सैन्य ट्रक पलटने से 13 सैनिक घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है.

तबाही खत्म नहीं हुई
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अभी यह तबाही खत्म नहीं हुई. सोमवार और मंगलवार को हालात और बिगड़ सकते हैं, क्योंकि बारिश का दौर जारी रहेगा. 700 मिमी तक बारिश होने की आशंका है, जिससे हालात और खराब हो सकते हैं.

पुलिस और आपदा प्रबंधन दल लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे सुरक्षित ऊंचाई पर चले जाएं. गोल्ड कोस्ट में रविवार रात को ‘इमरजेंसी वार्निंग’ जारी कर दी गई. अभी तक का मंजर बताता है कि मुसीबत की असली शुरुआत हुई है. बिजली कटौती, बाढ़, और तबाही के बीच लाखों लोग परेशान हैं.

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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत

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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.

मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए

फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक

हाइलाइट्स

  • पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
  • मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
  • दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.

नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.

दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.

समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.

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हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.

मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.

मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.

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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र

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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। - Dainik Bhaskar

तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।

अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।

तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…

अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…

भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।

भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।

भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।

तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा

भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।

तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’

खबरें और भी हैं…
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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks

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Australia News: ऑस्‍ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्‍या करने का दावा कर रही है.

'मैंने कई इजरायलियों को मार दिया', नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया में खलबली

ऑस्‍ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्‍या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्‍ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)

हाइलाइट्स

  • ऑस्‍ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्‍या करने का दावा किया है
  • नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
  • इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार

मेलबर्न (ऑस्‍ट्रलिया). ऑस्‍ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्‍य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्‍न संस्‍कृतियों का संगम स्‍थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्‍ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्‍यू साउथ वेल्‍स स्‍टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्‍पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्‍या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्‍यू साउथ वेल्‍स के हेल्‍थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.

ऑस्‍ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्‍पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्‍यादा समय से ऑस्‍ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्‍थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.

आरोपी नर्स सस्‍पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्‍पेंड कर दिया गया. हेल्‍थ मिनिस्‍टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्‍टेट हेल्‍थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्‍पणी करते हुए उन्‍हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.

पुलिस स्‍ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्‍टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्‍ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्‍पीच कानून का उल्‍लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.

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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया में खलबली

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