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Explainer: मिसाइलों का काल, अब बनेगा अमेरिका की ढाल! क्या है ‘गोल्डन डोम’ जिसका सपना देख रहे ट्रंप
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US Golden Dome Explained: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कसम खाई है कि वह इजरायल के ‘आयरन डोम’ की तर्ज पर अपने देश के लिए ‘गोल्डन डोम’ बनवाकर रहेंगे.
ट्रंप ने अमेरिका से किया ‘आयरन डोम’ जैसी शील्ड बनाने का वादा.
हाइलाइट्स
- ट्रंप ने ‘गोल्डन डोम’ बनाने का वादा किया.
- इजरायल के ‘आयरन डोम’ की तर्ज पर बनेगा ‘गोल्डन डोम’.
- ‘गोल्डन डोम’ से अमेरिका की सुरक्षा होगी मजबूत.
वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘गोल्डन डोम’ बनाने का वादा किया है. यह कथित रूप से इजरायल के ‘आयरन डोम’ की तरह काम करेगा. ट्रंप का कहना है कि यह अमेरिका को भविष्य की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बनाएगा. ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका को अपने देश की सुरक्षा के लिए “स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मिसाइल शील्ड” बनानी होगी. ट्रंप ने कहा, “यह दुनिया बहुत खतरनाक हो चुकी है. हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मज़बूती से करनी होगी,” उन्होंने यह भी दावा किया कि 40वें अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन भी ऐसा ही कुछ बनाना चाहते थे, लेकिन तब टेक्नोलॉजी मौजूद नहीं थी.
क्या होता है मिसाइल डिफेंस सिस्टम?
मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक जटिल सैन्य प्रणाली है, जिसमें कई तकनीकें शामिल होती हैं. इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट करना है. यह सिस्टम मिसाइल के तीन चरणों में काम करता है:
बूस्ट फेज: जब मिसाइल लॉन्च होती है.
मिडकोर्स फेज: जब मिसाइल ऊंचाई पर होती है.
टर्मिनल फेज: जब मिसाइल अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती है.
ट्रंप जिस ‘गोल्डन डोम’ की बात कर रहे हैं, वह इसी सिद्धांत पर काम करेगा.
कैसे काम करेगा ‘गोल्डन डोम’?
इस सिस्टम में कई अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम शामिल होंगे:
- स्पेस-बेस्ड इन्फ्रारेड सिस्टम (SBIRS) – मिसाइल के लॉन्च को डिटेक्ट करने के लिए सैटेलाइट्स का इस्तेमाल.
- ग्राउंड-बेस्ड मिडकोर्स डिफेंस (GMD) – इंटरसेप्टर मिसाइलें, जो दुश्मन की मिसाइल को मिडकोर्स (बीच रास्ते) में ही नष्ट कर सकती हैं.
- एजिस बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) – समुद्र और जमीन पर आधारित सिस्टम, जो शॉर्ट और मीडियम-रेंज की मिसाइलों को रोकने में सक्षम है.
- थाड (THAAD) – मोबाइल लैंड-बेस्ड सिस्टम, जो टर्मिनल फेज में मिसाइल को मार गिराता है.
- पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3 (PAC-3) – छोटी दूरी की मिसाइलों को टारगेट करने के लिए.
क्या अमेरिका को ‘गोल्डन डोम’ की जरूरत है?
अमेरिका के पास पहले से ही कई एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं. लेकिन ट्रंप का मानना है कि मौजूदा सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं. हाल ही में हूती विद्रोहियों ने यमन से इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजरायल के THAAD सिस्टम ने रोका. ऐसे ही किसी संभावित हमले से अमेरिका को बचाने के लिए ट्रंप ‘गोल्डन डोम’ पर जोर दे रहे हैं.
इजरायल का ‘आयरन डोम’ कितना असरदार?
इजरायल का ‘आयरन डोम’ दुनिया का सबसे प्रभावी मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है. इसका निर्माण 2007 में शुरू हुआ और 2011 से यह ऑपरेशनल है. इस सिस्टम ने गाजा से दागी गई हजारों मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है. इसके अलावा, इजरायल के पास ‘डेविड स्लिंग’, ‘एरो-2’ और ‘एरो-3’ जैसे डिफेंस सिस्टम भी हैं, जो अलग-अलग रेंज की मिसाइलों को टारगेट करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका ने ‘एरो-2’ सिस्टम के डेवलपमेंट में 50% से ज्यादा आर्थिक मदद की है.
क्या सच होगा ट्रंप का सपना?
डिफेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, ‘गोल्डन डोम’ बनाना बेहद महंगा और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होगा. अमेरिका के पास पहले से ही कई एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं. ऐसे में ट्रंप की योजना खटाई में पड़ सकती है. लेकिन अगर उनका यह प्लान सफल होता है, तो अमेरिका दुनिया का इकलौता देश होगा, जिसके पास सबसे आधुनिक मिसाइल शील्ड होगी.
March 05, 2025, 20:33 IST
मिसाइलों का काल बनेगा US की ढाल! क्या है ‘गोल्डन डोम’ जिसका सपना देख रहे ट्रंप
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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत
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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक
हाइलाइट्स
- पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
- मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
- दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.
नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.
दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.
समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.
हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.
मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.
मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.
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February 12, 2025, 15:17 IST
मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए
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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।
अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।
तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…
अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…
भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।
भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।
तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा
भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।
तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’
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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks
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Australia News: ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्या करने का दावा कर रही है.
ऑस्ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)
हाइलाइट्स
- ऑस्ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्या करने का दावा किया है
- नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
- इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार
मेलबर्न (ऑस्ट्रलिया). ऑस्ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्यू साउथ वेल्स स्टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्यू साउथ वेल्स के हेल्थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.
ऑस्ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्यादा समय से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.
आरोपी नर्स सस्पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया. हेल्थ मिनिस्टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्पणी करते हुए उन्हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.
पुलिस स्ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्पीच कानून का उल्लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.
New Delhi,Delhi
February 13, 2025, 16:03 IST
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