Connect with us

Weird World

तुर्की में समुद्र की गहराई में मिली 5000 साल पुरानी नाव का रहस्य

Published

on

Last Updated:

तुर्की के माउंट अरारत के दक्षिण में करीब 30 किलोमीटर दूर वैज्ञानिकों को समुद्र के अंदर एक नाव के आकार का टीला मिला है. ये टीला असल में एक लकड़ी की नाव का जीवाश्म अवशेष है. वैज्ञानिकों ने इसे बाइबल से जुड़ी एक न…और पढ़ें

समुंदर के रहस्यों की जांच कर रहे थे वैज्ञानिक, तभी मिली 5 हजार साल पुरानी नाव!

वैज्ञानिकों को नाव जैसा एक टीला मिला है. (फोटो: NoahsArkScans/Facebook)

समुंदर की गहराई में इतने रहस्य हैं, जिनके बारे में फिलहाल लोगों को भी पूरी जानकारी नहीं है. पर अभी भी जब कुछ अलग पता चलता है तो बहुत हैरानी होती है. हाल ही में ऐसे ही एक राज का पता तुर्की से लगा है. दरअसल, यहां पर समुद्र की गहराइयों में 5 हजार साल पुरानी ‘नाव’ मिली है. ये असल में एक टीला है, जो पूरी तरह नाव (Scientists found 5000 year old boat) जैसा दिख रहा है. वैज्ञानिकों का दावा है कि इसके तार 5 हजार साल पुरानी एक घटना से जुड़े हैं, जिसका जिक्र ईसाइयों के धर्म ग्रंथ, बाइबल में भी मिलता है.

डेली मेल वेबसाइट के मुताबिक तुर्की के माउंट अरारत के दक्षिण में करीब 30 किलोमीटर दूर वैज्ञानिकों को समुद्र के अंदर एक नाव के आकार का टीला मिला है. ये टीला असल में एक लकड़ी की नाव का जीवाश्म अवशेष है. वैज्ञानिकों ने इसे बाइबल से जुड़ी एक नाव माना है. दरअसल, नूह को ईसाई के साथ इस्लाम और यहूदी धर्म में भी ईष्वर का संदेशवाहक माना जाता है. उन्होंने जलप्रलय के समय एक नाव बनाई थी, जिसे अंग्रेजी में आर्क कहते हैं. इस नाव में उन्होंने कई जीव-जन्तुओं को डूबने से बचाया था.

noah ark found

नूह की कहानी ईसाई धर्म में प्रचलित है. (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

5 हजार साल पुरानी नाव
वैज्ञानिकों का मानना है कि ये नाव के आकार का टीला असल में उसी नाव का अवशेष है, जिसे नूह ने बनाया था. इस जगह को डुरूपिनर फॉर्मेशन कहते हैं. माना जाता है कि ये टीला, 5 हजार साल पहले आए एक जलप्रलय में डूब गया था. 2021 से वैज्ञानिक इसके शोध में लगे हुए हैं. वो इस बात को साबित करने में लगे हैं कि वो नाव नूह की कहानी से जुड़ी है.

मिट्टी से मिले सुराग
आपको बता दें कि इस टीले को डुरुपिनार फॉर्मेशन कहा जाता है. ये 538 फीट लंबा है और एक प्रकार के आयरन ओर, लिमोनाइट से बना है. रिसर्च में पाया गया कि उस इलाके में जीव रहा करते थे और ये पानी से घिरा हुआ था. इस इलाके से मिट्टी जमा की गई और उसे शोध के लिए इस्तानबुल टेक्निकल यूनिवर्सिटी भेजा गया था. टेस्ट से पता चला कि मिट्टी में क्ले जैसे पदार्थ, मरीन डिपॉजिट और मरीन लाइफ के भी अंश मौजूद हैं. ये सैंपल बताते हैं कि वो 3500 से लेकर 5000 साल पुराना है. शोध के लीड रिसर्चर फारुक काया का कहना है कि प्राचीन काल में इस इलाके में भी इंसान रहते थे. ऐसी रोचक खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें.

homeajab-gajab

समुंदर के रहस्यों की जांच कर रहे थे वैज्ञानिक, तभी मिली 5 हजार साल पुरानी नाव!

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Weird World

‘हाय कितना क्यूट है ये’, हुडी में लड़का गा रहा था रैप, महफिल लूट गए लाल जैकेट वाले के एक्सप्रेशन

Published

on

Last Updated:

खूबसूरत वादियों में बैठे हुए एक पीले हुडी वाला बच्चा ‘तू है कहां’ गाने को एक सांस में गा रहा है. बच्चे के टैलेंट का वीडियो तो वायरल हो रहा है लेकिन इसमें महफिल लूटने का काम उसके बगल बैठा दोस्त कर रहा है.

'हाय कितना क्यूट है ये', हुडी में लड़का गा रहा था रैप, महफिल लूट गया दोस्त

बच्चों का क्यूट वीडियो हुआ वायरल. (Credit- Instagram/jp_negi_travelholic )

देश-दुनिया के कोने-कोने में टैलेंट बिखरा हुआ है. पहले जहां हम ज्यादातर लोगों को जान नहीं पाते थे, वहीं सोशल मीडिया के ज़माने में मिनटों में इंसान का टैलेंट पूरी दुनिया में छा जाता है. सिर्फ कुछ सेकंड का वीडियो वायरल हो जाता है और जिसे कोई नहीं जानता था, उसे हर कोई जान जाता है. इस वक्त एक ऐसा ही छोटे बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है.

खूबसूरत वादियों में बैठे हुए एक पीले हुडी वाला बच्चा ‘तू है कहां’ गाने को एक सांस में गा रहा है. बच्चे के टैलेंट का वीडियो तो वायरल हो रहा है लेकिन इसमें महफिल लूटने का काम उसके बगल बैठा दोस्त कर रहा है. हिमाचल प्रदेश के एक छोटे बच्चे का वीडियो चर्चा में है, जिसमें वह ज़ैन (ZAYN) के गाने ‘तू है कहां’ को गा रहा है.

महफिल लूट गया ‘दोस्त’
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक छोटा सा बच्चा ‘Tu Hai Kahan’ गा रहा है. वहीं उसके साथ उसका दोस्त भी लाल रंग की जैकेट पहनकर बैठा हुआ है. लोगों को मासूम बच्चे का ये अंदाज इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे वीडियो का बेस्ट पार्ट बताया है. बच्चा अपने दोस्त को हाइप करने के लिए इतने ज़बरदस्त एक्सप्रेशन दे रहा है कि देखने वाले बिना उसे प्यार किए नहीं रह पाएंगे.

Continue Reading

Weird World

जिम में ही कसरत करते हुए कर सकेंगे सालसा डांस, नहीं देनी होगी अलग से फीस, मशीन ने दिया आइडिया!

Published

on

Last Updated:

gym salsa machine: एक अनोखे वीडियो में जिम में कसरत कर रहा शख्स सालसा डांस करता दिख रहा है. लोगों को इस तरह की मशीन खूब पसंद आई है. कोई इसे डांस करने के लिए हासिल करना चाहता है तो कोई कमर और पीठ दोनों की कसरत क…और पढ़ें

जिम में कसरत करते हुए कर सकेंगे सालसा डांस, कमर पीठ की भी होगी वर्जिश, मशीन ने

लोगों को यह मशीन कई कारणों से पसंद आ रही है. (तस्वीर: Instagram video grab)

क्या आप जिम में कसरत करने से बोर हो जाते हैं? या क्या आपको जिम और डांस में से किसी एक को चुनना पड़ रहा है? क्या आप चाहते हैं कि जिम में कसरत करते हुए डांस भी कर सकें? लेकिन उसके लिए आपको अलग से पैसे ना देने पड़ें?  सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो ने आपकी ऐसी समस्याओं का अनूठा हल निकाला है. इसमें एक ऐसी मशीन दिखाई गई है जिसमें जिम में कसरत करते समय ही आपकी डांस करने की हसरत पूरी हो सकती है. डांस भी ऐसा वैसा नहीं, मशीन आपको सालसा डांस कराएगी.

बिलकुल सालसा डांस!
जी हां जिम कि इस मशीन को ऐसा डिजाइन किया गया है जिसमें एक शख्स वैसे तो जिम में साइकिल मशीन की तरह पैर चला रहा है. लेकिन उसके शरीर की गतिविधि सालसा डांस के स्टेप्स की तरह दिखाई देती है. बैकग्राउंड म्यूजिक भी वीडियो में ऐसा तड़का लगा रहा है कि अगर गौर से ना देखा गया तो लगेगा कि कोई सालसा डांस ही कर रहा है.

कैसे काम करती है ये मशीन?
वीडियो में एक शख्स जिम में एक अनोखी मशीन पर पैर चला रहा है जिसके साथ उसके शरीर के मूवमेंट्स डांस की तरह लग रहे हैं. साइकिल मशीन में पैडल आम साइकिल के तरह आगे पीछे चलते हैं, लेकिन इस मशीन में पैडल की दिशा कुछ अलग है. इसमें आपको पैडल दायें से बायें घुमाने होंगे. बाकी मशीन का हिस्सा एक स्टेशनरी साइकिल की तरह है.

Continue Reading

Weird World

OMG! ना ईंट-ना सीमेंट, भारत में खुली अनोखी फैक्ट्री, देख लोग रह गए दंग!

Published

on

Last Updated:

गुड़गांव की Control Z फैक्ट्री, बांस और मिट्टी से बनी भारत की पहली फैक्ट्री है, जो पुराने फोन को नया बनाती है. फाउंडर युग भाटिया ने इसे सस्टेनेबिलिटी के तहत बनाया.

X

बांस

बांस की लकड़ियों और मिट्टी से बनी फैक्ट्री

हाइलाइट्स

  • गुड़गांव में Control Z फैक्ट्री बांस और मिट्टी से बनी है.
  • यह फैक्ट्री मोबाइल रिपेयरिंग का काम करती है.
  • फैक्ट्री पर्यावरण के अनुकूल और सस्टेनेबल मटेरियल से बनी है.

दिल्ली: गुड़गांव में स्थित एक अनोखी फैक्ट्री Control Z इन दिनों काफी चर्चा में है. इस फैक्ट्री की खासियत यह है कि इसे पूरी तरह बांस और मिट्टी से बनाया गया है. भारत की यह पहली ऐसी फैक्ट्री है, जिसमें किसी भी तरह की ईंट या कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं किया गया. खास बात यह है कि यह फैक्ट्री मोबाइल रिपेयरिंग का काम करती है, जहां पुराने फोन को नया बनाया जाता है.

कैसे आया यह अनोखा आइडिया?
Control Z के फाउंडर युग भाटिया ने बताया कि उनका काम सस्टेनेबिलिटी यानी पर्यावरण के अनुकूल समाधान पर आधारित है. वह पुराने फोन खरीदकर उन्हें रिपेयर कर नए जैसे फोन में बदलते हैं. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने फैसला किया कि उनकी फैक्ट्री भी सस्टेनेबल मटेरियल से बनाई जाए.
युग भाटिया ने कहा कि “हम जो काम कर रहे हैं, वह पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक कदम है. हम पुराने फोन को रिसाइकिल कर नया बना रहे हैं, तो क्यों न हमारी फैक्ट्री भी पूरी तरह इको-फ्रेंडली हो? इसी सोच के साथ हमने इस फैक्ट्री को बांस और मिट्टी से बनाने का फैसला किया.”

सबसे बड़ी चुनौती
युग भाटिया ने बताया कि, इस तरह की फैक्ट्री पहले कभी भारत में नहीं बनाई गई थी, इसलिए इसे बनाना एक बड़ी चुनौती थी. सबसे बड़ी दिक्कत मास्टर कारीगरों की कमी थी, क्योंकि इस तरह का निर्माण कार्य केवल पश्चिम बंगाल और असम के कुछ विशेषज्ञ ही कर सकते थे. उन्हें दिल्ली लाकर काम करवाना बेहद मुश्किल था.
इसके अलावा, उच्च गुणवत्ता वाले बांस की जरूरत थी, जो भारत में सिर्फ नॉर्थ-ईस्ट रीजन में मिलता है. इसे गुड़गांव तक लाना और संरचना तैयार करना भी एक चुनौतीपूर्ण काम था.

कैसा दिखता है यह अनोखा स्ट्रक्चर?
यह पूरी फैक्ट्री लकड़ी और मिट्टी से बनी है. इसकी दीवारें मिट्टी और बांस से बनाई गई हैं, जिससे गर्मी में ठंडक बनी रहती है और सर्दी में गर्माहट मिलती है. इस तरह का निर्माण प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करने का बेहतरीन उदाहरण है.

सस्टेनेबिलिटी की मिसाल
बांस और मिट्टी से बनी यह फैक्ट्री पर्यावरण के लिए बेहद अनुकूल है. यह परियोजना साबित करती है कि यदि सही सोच और प्रयास किए जाएं तो निर्माण के लिए पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाए जा सकते हैं. युग भाटिया का यह कदम भारत में सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन को बढ़ावा देने में एक मिसाल साबित हो सकता है.

homeajab-gajab

OMG! ना ईंट-ना सीमेंट, भारत में खुली अनोखी फैक्ट्री, देख लोग रह गए दंग!

Continue Reading

TRENDING

Copyright © 2022 TenX News Network