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जर्मनी के रोस्टॉक समुद्र तट पर कपड़े पहनकर एंट्री नहीं.

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Beaches Ban Clothed Visitors: जर्मनी के रोस्टॉक में नए नियमों के तहत न्यूडिस्ट समुद्र तटों पर कपड़े पहनकर आने वालों को प्रतिबंधित किया गया है. इसका उद्देश्य न्यूडिटी के पक्षधरों को बिना दखल के आनंद लेने देना है…और पढ़ें

कपड़े उतारो, जन्नत में आओ: इस अनोखे समुद्र तट का हैरान कर देने वाला नियम!

जर्मनी के रोस्टॉक में नए नियमों के तहत न्यूडिस्ट समुद्र तटों पर कपड़े पहनकर आने वालों को प्रतिबंधित किया गया है.

हाइलाइट्स

  • रोस्टॉक के समुद्र तटों पर कपड़े पहनकर आने पर प्रतिबंध
  • न्यूडिस्ट समुद्र तटों पर बिना दखल के अनुभव का आनंद
  • नियमों का उद्देश्य फ्री बॉडी कल्चर की भावना बनाए रखना

Beaches Ban Clothed Visitors: दुनिया के कुछ समुद्र तटों पर विजिटर्स के लिए अलग-अलग नियम हैं. कुछ समुद्र तटों पर न्यूडिटी या नग्न रहने की अनुमति नहीं है. वहीं, कुछ जगहों पर कपड़े उतारना स्वीकार्य है. लेकिन अगर आप जर्मनी के कुछ खास समुद्र तटों पर जा रहे हैं, तो आपको हैरान होना पड़ सकता है. क्योंकि अगर आप ज्यादा कपड़े हुए हैं तो आपको वहां से बाहर निकाला जा सकता है. जर्मनी के रोस्टॉक में, नए नियम समुद्र तट वार्डन को उन लोगों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार दे रहे हैं जो केवल प्रकृतिवादियों के लिए तय समुद्र तटों पर बहुत ज्यादा कपड़े पहने हुए नजर आते हैं. नियमों के अनुसार वार्डन को स्विमसूट और कवर-अप पहनकर धूप सेंकने वालों पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति है.

फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी जर्मनी के समुद्र तटों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. ये समुद्र तट विशेष रूप से प्रकृतिवादियों के बीच लोकप्रिय हैं जो कुदरती रूप में शरीर की स्वीकार्यता और नग्नता में विश्वास करते हैं. जर्मनी के बाल्टिक सागर तट पर स्थित रॉस्टॉक में, नए नियमों के तहत समुद्र तट वार्डन को यह अधिकार दिया गया है कि वे केवल न्यूडिटिस्ट के लिए बने समुद्र तटों पर अत्यधिक कपड़े पहने हुए लोगों पर प्रतिबंध लगा सकें. रोस्टॉक की टूरिज्म अथॉरिटी ने नगर परिषद को सौंपे गए 23-पृष्ठों के नियमों में कहा, “ये समुद्र तट केवल न्यूडिस्ट लोगों के लिए रिजर्व हैं. कपड़े पहनकर समुद्र में नहाना और कपड़े पहनकर धूप सेंकना मना है.”

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… ताकि कोई दखलअंदाजी ना हो
सीएनएन के अनुसार, यह नियम बनाने का उद्देश्य चीजों को स्पष्ट करना है. इसकी जरूरत तब पड़ी जब कपड़े पहन कर धूप सेंकने वालों और न्यूडिटी के पक्षधर दोनों ओर से शिकायतों की बाढ़ आ गई. रॉस्टॉक टूरिज्म के मोरित्ज़ नौमान के हवाले से छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नियम का उद्देश्य लोगों को कपड़े उतारने के लिए मजबूर करना नहीं है; बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो लोग ऐसा करना चाहते हैं, वे दूसरों के दखल के बिना इस अनुभव का आनंद ले सकें. इस नियम को लागू करने के लिए इलाके में गश्त की जाएगी. जो लोग अपनी तैराकी पोशाक, बिकनी या ट्रंक उतारने से इनकार करते हैं, उनसे जुर्माना नहीं लिया जाएगा, बल्कि उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा जाएगा.

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फ्री बॉडी कल्चर की भावना बनाए रखने पर जोर
रॉस्टॉक में 15 किमी लंबा समुद्र तट है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित है. यहां आने वाले सभी लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा जाता है. जो लोग नैचुरिज्म में रुचि रखते हैं, उनके लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है. लेकिन घूरना, तस्वीरें लेना या आपत्तिजनक टिप्पणी करना सख्त मना है. उत्तरी और बाल्टिक सागर पर लगभग 3,700 किलोमीटर लंबी तटरेखा के साथ, जर्मनी लंबे समय से न्यूडिस्ट के लिए शरणस्थल रहा है. अधिकारी यह कदम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि वे इन रेतीले क्षेत्रों को फ्रीकोर्परकल्चर (एफकेके) या फ्री बॉडी कल्चर की भावना के अनुरूप बनाए रखना चाहते हैं.

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दुनिया भर में लोकप्रिय बना हुआ है प्रकृतिवाद
यह आंदोलन जर्मनी में लंबे समय से चली आ रही परंपरा है, जो लगभग 130 साल पहले शुरू हुई थी. यह इस विचार पर जोर देता है कि नैचुरिज्म मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बना सकता है. रिपोर्ट के अनुसार युवा लोग इस आंदोलन में कम शामिल हो रहे हैं. इस प्रकार, रोस्टॉक के नैचुरिस्ट समुद्र तटों की संख्या 37 से घटकर 27 रह गई है. वहीं, जर्मन एसोसिएशन फॉर फ्री बॉडी कल्चर (डीएफके) की सदस्यता में भारी कमी आई है. जो एक चौथाई सदी पहले 65,000 थी, जो आज लगभग 30,000 रह गई है. विश्व स्तर पर, नैचुरिज्म या प्रकृतिवाद लोकप्रिय बना हुआ है. 

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दुनिया भर में न्यूडिटी के लिए मशहूर 5 समुद्र तट

हाउलोवर बीच, फ्लोरिडा (अमेरिका): नैचुरिज्म और प्रकृतिवादियों के बीच यह समुद्र तट सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. यहां साफ पानी और आरामदायक माहौल है. 

प्लेज डी ताहिती, सेंट-ट्रोपेज (फ्रांस) : न्यूडिस्ट के लिए एक प्रसिद्ध और अनुकूल समुद्र तट, जहां मशहूर हस्तियां सन बॉथ के लिए आती हैं.

रेड बीच, क्रेते (ग्रीस) – लाल चट्टानों वाली एक एकांत खाड़ी और प्रकृतिवादियों का स्वागत करने का इसका एक लंबा इतिहास है.

लेडी बे बीच, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) – एक सुरम्य और शांतिपूर्ण समुद्र तट, शहर से बस इतनी दूर है कि एक छोटी नौका की सवारी कर यहां पहुंचा जा सकता है.

लिटिल बीच, माउई, हवाई (अमेरिका) – एक ऐसा स्वर्ग जहां न्यूड होकर धूप सेंकने का आनंद लिया जा सकता है. साथ ही लुभावने सूर्यास्त का भी आनंद लिया जा सकता है.

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PM Modi France Visit: मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, देख लें सबूत

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PM Modi France Visit: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती गहरी हो रही है. फ्रांस दौरे पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ और दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.

मोदी को मिल गया पुतिन सा एक और यार, मैक्रों ने तो मन मोह लिया, खुद देख लीजिए

फ्रांस में दिखी पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की गहरी दोस्ती की झलक

हाइलाइट्स

  • पीएम मोदी का फ्रांस दौरे पर भव्य स्वागत हुआ.
  • मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ गहरी दोस्ती दिखाई.
  • दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की.

नई दिल्ली: भारत-रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है. समय-समय पर इसकी झलक दिखती रही है. इससे दुनिया भी वाकिफ है. पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है. पुतिन की तरह ही अब पीएम मोदी को एक नया दोस्त मिला है. नाम है इमैनुएल मैक्रों. इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. जी हां, जैसे रूस और भारत की दोस्ती के चर्चे होते हैं. अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत-फ्रांस की दोस्ती के भी गीत गुनगुनाए जाएंगे. इसकी झलक पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर खूब दिखी. यहां मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं होने दी. फ्रांस में जहां-जहां मोदी गए, वहां-वहां साए की तरह साथ रहे.

दरअसल, कोई देश हमें कितनी इज्जत दे रहा है, यह उसकी आगवानी और हॉस्पिटालिटी के तरीकों पर निर्भर करता है. पीएम मोदी जब पेरिस एआई समिट के लिए फ्रांस गए तो वहां नजारा रूस वाला दिखा. पीएम मोदी की रूस की तरह ही फ्रांस में भी ग्रैंड वेलकम हुआ. खुद राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ पुतिन की तरह नजर आए.

समय और सम्मान की बात
जी हां, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा का एक अनूठा पहलू था, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से उन्हें दिया गया समय और सम्मान. यह दोनों नेताओं की बेहतर आपसी समझ और गहरी दोस्ती को दर्शाता है. इसकी झलक पल-पल दिखी. यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को डिनर कराया. रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.

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हर जगह साए की तरह थे
अपने घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम की मेजबानी की, जो आर्थिक सहयोग के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. दोस्ती के एक असाधारण संकेत में, दोनों नेता एक संयुक्त काफिले में और एक ही विमान में मार्सिले पहुंचे. राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए मार्सिले में रात्रिभोज की मेजबानी की. हर जगह साए की तरह मैक्रों मोदी के साथ दिखे.

मैक्रों ने मन मोह लिया
पीएम मोदी के लिए यूं तो सभी विश्व नेताओं ने सम्मान और महत्व दिखाया लेकिन जो निकटता और अपनापन मैक्रों ने दर्शाया उसका अन्य उदाहरण मिलना दुर्लभ है. मैक्रों दरअसल पीएम मोदी के दौरे को लेकर खासे उत्साहित थे. प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे.

मैक्रों ने पीएम की तारीफ में क्या-क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं. हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं. मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं. पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो.

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Tulsi Gabbard Interview; Bhagwat Geeta | Raisina Dialogue | तुलसी गबार्ड बोलीं-कृष्ण के उपदेश शक्ति और शांति देते हैं: अच्छे-बुरे पल में भगवत गीता पढ़ती हूं; भगवान के साथ रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र

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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। - Dainik Bhaskar

तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं।

अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि वे कृष्ण भक्त हैं और अपनी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे वक्त में वे भगवद गीता में दिए उपदेशों को पढ़ती हैं। अर्जुन को दिए कृष्ण के उपदेश उन्हें दिन भर शक्ति, शांति और आराम देते हैं।

तुलसी रायसीना डायलॉग में शामिल होने के लिए भारत आई हैं। उससे पहले उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं…

अध्यात्म, गीता और भारत पर तुलसी की 3 मुख्य बातें…

भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र: तुलसी ने कहा कि मेरी आध्यात्मिक यात्रा और भगवान के साथ मेरा रिश्ता मेरे जीवन का केंद्र है। मैं रोज यही कोशिश करती हूं कि ऐसी जिंदगी जी सकूं जो भगवान के हिसाब से बेहतर हो। और भगवान के सभी बच्चों की सेवा कर पाने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है।

भगवत गीता के उपदेशों से मूल्यवान सीख मिलती है: मेरी जिंदगी के अलग-अलग समय में, चाहे मैं वॉर जोन रहूं या आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हर समय में कृष्ण के उपदेश से मुझे हर बार कोई मूल्यवान सीख मिलती है। इससे मुझे सब तरह के दिनों में शांति, शक्ति और सुकून मिलता है।

भारत आकर लगता है जैसे घर आ गई हूं: तुलसी ने कहा कि भारत से मुझे बहुत प्यार है। मैं जब भी यहां आती हूं तो लगता है कि अपने ही घर आई हूं। यहां के लोग बहुत दयालु हैं और प्यार से स्वागत करते हैं। यहां का खाना हमेशा स्वादिष्ट लगता है। दाल मखनी और ताजा पनीर से बनाई गई हर चीज बहुत लजीज होती है।

तुलसी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को इस्लामी आतंक कहा

भारत में लगातार हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमलों को तुलसी ने इस्लामी आतंक बताया। उन्होंने कहा कि ये भारत और अमेरिका समेत कई मिडिल ईस्ट देशों पर भी खतरा बनता जा रहा है।

तुलसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्लामी आतंक से लड़ने के अपने वादे को लेकर बहुत साफ हैं। इस आतंक ने हमें घेर लिया है और लगातार अमेरिकी लोगों पर खतरा बना हुआ है। ये भारत, बांग्लादेश में लोगों को प्रभावित करता रहा है और मौजूदा समय में सीरिया, इजराइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में लोगों पर असर डाल रहा है। मुझे पता है पीएम मोदी इस खतरे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। दोनों नेता इस खतरे को पहचानने और इसे हराने के लिए मिलकर काम करेंगे।’

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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया के अस्पतालों में मची खलबली – australia hospital examines patient records after nurse claims to have killed israelis antisemitic attacks

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Australia News: ऑस्‍ट्रेलिया में एक नर्स का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद देश के साथ ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. आरोपी नर्स इस वीडियो में इजरायल के नागरिकों की हत्‍या करने का दावा कर रही है.

'मैंने कई इजरायलियों को मार दिया', नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया में खलबली

ऑस्‍ट्रेलिया में एक नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्‍या करने का दावा कर सनसनी मचा दी है. ऑस्‍ट्रेलिया में इजरायल विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं. (फोटो: AP)

हाइलाइट्स

  • ऑस्‍ट्रेलिया में नर्स ने इजरायली मरीजों की हत्‍या करने का दावा किया है
  • नर्स के दावों की जांच शुरू कर दी गई है, मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
  • इजरायल-हमास युद्ध के बाद यहूदी विरोधी भावनाओं में आया है उभार

मेलबर्न (ऑस्‍ट्रलिया). ऑस्‍ट्रेलिया में बड़ी तादाद में अन्‍य देशों के लोग रहते हैं. इसे विभिन्‍न संस्‍कृतियों का संगम स्‍थल भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस भावना को चोट पहुंची है. इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑस्‍ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाएं काफी बढ़ी हैं. अब न्‍यू साउथ वेल्‍स स्‍टेट में फिर से ऐसा ही मामला समाने आया है. एक अस्‍पताल में तैनात नर्स ने दावा किया है कि उसने इजरायली नागरिकों की हत्‍या की है. नर्स के दावे से देशभर में सनसनी फैल गई है. न्‍यू साउथ वेल्‍स के हेल्‍थ डिपार्टमेंट ने नर्स के दावे की जांच करने की बात कही है. साथ ही संबंधित हॉस्पिटल में मरीजों का रिकॉर्ड भी चेक किया जाएगा.

ऑस्‍ट्रेलिया अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक नर्स द्वारा इजरायलियों को मारने का ऑनलाइन दावा किए जाने के बाद अस्‍पताल मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को नुकसान पहुंचाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है. नर्स का यह दावा यहूदी विरोधी हमलों और बयानबाजी में सबसे नया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है. बता दें कि पिछले एक साल से कुछ ज्‍यादा समय से ऑस्‍ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावनाओं में वृद्धि हुई है. समुदाय से जुड़े लोगों के घरों, कार्यालयों और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों में तोड़फोड़ की गई है. यहूदियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के साथ एक स्कूल और दो सिनेगॉग (यहूदी धर्मस्‍थल) को आग के हवाले तक कर दिया गया है.

आरोपी नर्स सस्‍पेंड
सिडनी के बैंकस्टाउन अस्पताल में मंगलवार को रात की पाली के दौरान इजरायली इन्फ्लुएंसर मैक्स वीफ़र के साथ ऑनलाइन चर्चा में भाग लेने वाली दो नर्सों को बुधवार को सस्‍पेंड कर दिया गया. हेल्‍थ मिनिस्‍टर पार्क ने कहा कि वे फिर कभी स्‍टेट हेल्‍थ डिपार्टमेंट के लिए काम नहीं करेंगी. पार्क ने इन नर्सो पर टिप्‍पणी करते हुए उन्‍हें नीच, घृणित और विक्षिप्त बताया है. ऑस्ट्रेलिया में एक यहूदी संगठन के अधिकारी एलेक्स रिव्चिन ने जोर देकर कहा कि सिडनी के यहूदी समुदाय के प्रति ऑस्ट्रेलिया के मेडिकल प्रैक्टिशनर के बीच नफरत और अतिवाद बढ़ रहा है.

पुलिस स्‍ट्राइक फोर्स
न्यू साउथ वेल्स स्‍टेट के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि साल 2023 में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी में यहूदी विरोधी अपराधों पर खास तौर से निपटने के लिए पुलिस स्‍ट्राइक फोर्स का गठन किया गया है. यह टीम हेट स्‍पीच कानून का उल्‍लंघन सहित ऑनलाइन वीडियो के चलते हुए अपराधों की जांच करती है. बता दें कि सिडनी और मेलबर्न में 85 फीसद यहूदी रहते हैं.

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‘मैंने कई इजरायलियों को मार दिया’, नर्स के दावे के बाद ऑस्ट्रेलिया में खलबली

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